ईरान ने कुवैत और UAE में अमेरिकी ठिकानों पर किया हमला, कर्नल ने दी चेतावनी, अब नागरिक ठिकानों पर हमला हुआ तो होगा बुरा अंजाम.
खाड़ी देशों में युद्ध जैसे हालात बन रहे हैं और ईरान ने अपनी सैन्य कार्रवाई को बहुत तेज़ कर दिया है. ईरान के सैन्य प्रवक्ता कर्नल Ebrahim Zolfaqari ने साफ़ तौर पर चेतावनी दी है कि अगर रिहायशी इलाकों या आम नागरिकों पर फिर से हमला हुआ, तो ईरान का बदला पहले से कहीं ज़्यादा बड़ा और खतरनाक होगा. ईरान ने इस पूरी कार्रवाई को Operation True Promise 4 का नाम दिया है और कहा है कि वे पीछे नहीं हटेंगे.
ईरान ने UAE और कुवैत में इन जगहों को बनाया निशाना
ईरान ने हाल के घंटों में खाड़ी क्षेत्र में कई अहम ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले किए हैं. इसमें अमेरिका और इसराइल से जुड़े व्यापारिक और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया है. नीचे दी गई टेबल में हमलों की पूरी जानकारी दी गई है.
| स्थान | नुकसान और हमले की जानकारी |
|---|---|
| UAE (Jebel Ali Port) | Zionist जहाज King D’ao Star पर क्रूज मिसाइल से सटीक हमला हुआ |
| UAE (Habshan) | ExxonMobil और Chevron की गैस फैसिलिटी पर हमला किया गया |
| Kuwait (Bubiyan Island) | अमेरिकी कंट्रोल सेंटर और HIMARS सिस्टम पर ड्रोन स्ट्राइक हुई |
| UAE (Al-Ruwais) | अमेरिकी सेना के लिए ईंधन बनाने वाली रिफाइनरी को निशाना बनाया गया |
| Kuwait (Naval Base) | अमेरिकी सैन्य कमांडरों की बैठक वाली जगह पर बैलिस्टिक मिसाइल गिरी |
| Israel (Dimona) | पेट्रोकेमिकल स्टोरेज के पास ड्रोन हमले हुए |
क्या है ईरान की नई चेतावनी और सेना का अगला कदम?
कर्नल Ebrahim Zolfaqari ने बताया कि ईरान का एयर डिफेंस नेटवर्क अब तक 163 ड्रोन मार गिरा चुका है. उन्होंने कहा कि अगर दुश्मन देश ईरान के आम नागरिकों को नुकसान पहुँचाते हैं, तो ईरान क्षेत्रीय स्तर पर उनके हितों के खिलाफ अपनी ताकत को दोगुना कर देगा. ईरान ने यह भी साफ़ कर दिया है कि वह किसी भी अस्थाई युद्धविराम के बदले Strait of Hormuz को दोबारा नहीं खोलेगा.
इस सैन्य बयान में यह भी दावा किया गया कि दक्षिण Isfahan में अमेरिका का एक बचाव मिशन पूरी तरह फेल हो गया, जिसमें दो C-130 विमान और दो हेलीकॉप्टर नष्ट हो गए. हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति ने एक जवान को सुरक्षित निकालने का दावा किया है, जिसे ईरान ने खारिज कर दिया है. UAE को भी चेतावनी दी गई है कि अगर उसकी ज़मीन का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ हुआ, तो Ras Al Khaimah जैसे इलाकों पर भारी हमला हो सकता है. खाड़ी देशों में रह रहे भारतीय और अन्य प्रवासियों के लिए यह स्थिति काफी चिंताजनक बनी हुई है.




