ईरान के बुशहर न्यूक्लियर पावर प्लांट के पास एक बार फिर हमला होने की खबर सामने आई है। ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन (AEOI) ने जानकारी दी है कि 27 मार्च 2026 को प्लांट के पास एक गोला आकर गिरा है। यह पिछले 10 दिनों के भीतर इस इलाके में होने वाली तीसरी बड़ी घटना है। ईरान ने इन हमलों के लिए सीधे तौर पर अमेरिका और इजरायल की सेनाओं को जिम्मेदार ठहराया है। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने भी इस स्थिति पर अपनी चिंता व्यक्त की है।

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बुशहर प्लांट पर हुए हमलों का पूरा विवरण

ईरान के परमाणु संयंत्र के पास पिछले कुछ दिनों में लगातार सैन्य हलचल देखी गई है। इन घटनाओं की तारीखें और समय इस प्रकार हैं:

  • 17 मार्च 2026: इस दिन पहली बार हमले की खबर आई थी, हालांकि इसमें किसी नुकसान की पुष्टि नहीं हुई थी।
  • 24 मार्च 2026: रात करीब 9:08 बजे दूसरा हमला हुआ, जिसे ईरानी मीडिया ने अमेरिका-इजरायल की कार्रवाई बताया।
  • 27 मार्च 2026: ईरान ने IAEA को सूचित किया कि प्लांट के परिसर में एक और गोला आकर गिरा है।
  • ईरान के मुताबिक, शांतिपूर्ण परमाणु केंद्रों पर हमला करना अंतरराष्ट्रीय नियमों का खुला उल्लंघन है।
  • इन हमलों से क्षेत्र की सुरक्षा और पर्यावरण के लिए बड़ा खतरा पैदा होने की चेतावनी दी गई है।

IAEA और रूस की ओर से जारी बड़ी चेतावनी

इस तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय संगठनों और रूस ने गंभीर रुख अपनाया है। IAEA के महानिदेशक Rafael Grossi ने संयम बरतने की अपील की है ताकि किसी भी तरह की परमाणु दुर्घटना से बचा जा सके।

संस्था का नाम मुख्य बयान/कार्रवाई
IAEA परमाणु सुरक्षा के 7 स्तंभों का पालन करने और संयम बरतने की सलाह दी गई।
Rosatom (रूस) कर्मचारियों को सुरक्षित निकालने का तीसरा चरण शुरू किया और स्टाफ कम कर दिया।
AEOI (ईरान) हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून और UN चार्टर के खिलाफ बताया।
INRA (ईरान) कहा कि सैन्य कार्रवाई से परमाणु संयंत्र के कर्मचारियों की जान को खतरा है।

अभी तक मिली जानकारी के अनुसार, इन हमलों में बुशहर प्लांट को कोई तकनीकी नुकसान नहीं हुआ है और न ही किसी के घायल होने की खबर है। प्लांट में रेडिएशन का स्तर भी सामान्य बना हुआ है, लेकिन रूस की कंपनी Rosatom ने अपने विशेषज्ञों की सुरक्षा को देखते हुए उन्हें वहां से हटाना शुरू कर दिया है।