Strait of Hormuz में तनाव बढ़ रहा है और अमेरिका ने वहां नौसैनिक नाकेबंदी का ऐलान किया है। ऐसे माहौल में ईरान ने भारत को अपना एक भरोसेमंद और मददगार साथी बताया है। ईरान के राजदूत ने कहा कि भारतीय जहाजों को वहां से गुजरने में कोई परेशानी नहीं होगी और उनकी सुरक्षा का पूरा ख्याल रखा जाएगा।

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ईरान ने भारतीय जहाजों के लिए क्या कहा?

ईरान के राजदूत Mohammad Fathali ने भारत को एक विश्वसनीय और दयालु साथी बताया। उन्होंने साफ किया कि भारतीय टैंकरों से वहां से गुजरने के लिए कोई टोल टैक्स नहीं लिया जाएगा। ईरान ने भरोसा दिलाया कि भारतीय जहाजों को सुरक्षित रास्ता मिलेगा क्योंकि भारत के साथ उनके संबंध बहुत अच्छे हैं।

अमेरिका की नाकेबंदी और ईरान का जवाब

अमेरिका ने 13 अप्रैल 2026 से Strait of Hormuz में नेवल ब्लॉकेड लगाने की घोषणा की है। अमेरिका के मुताबिक अब जहाजों को वहां से गुजरने के लिए परमिट लेना होगा। ईरान ने इस फैसले को गैरकानूनी और समुद्री डकैती बताया है। ईरान की सेना ने चेतावनी दी है कि यह रास्ता उनके नियंत्रण में है और वे इसका जवाब देंगे।

भारत की सुरक्षा और ऑपरेशन Urja Suraksha

भारत ने अपने जहाजों और नाविकों की सुरक्षा के लिए 26 मार्च 2026 को ‘Operation Urja Suraksha’ शुरू किया था। भारत सरकार के अधिकारी ईरान के संपर्क में हैं ताकि ऊर्जा सुरक्षा बनी रहे। विदेश सचिव Vikram Misri ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जहाजों की बिना किसी रुकावट के आवाजाही की मांग की है।

तारीख महत्वपूर्ण घटना/अपडेट
25 मार्च 2026 ईरान ने भारत, रूस और चीन जैसे मित्र देशों को रास्ता देने का ऐलान किया
26 मार्च 2026 भारत ने जहाजों की सुरक्षा के लिए Operation Urja Suraksha शुरू किया
9 अप्रैल 2026 भारत ने 22 जहाजों और 611 नाविकों की सुरक्षा पर ईरान से बात की
11 अप्रैल 2026 इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान की बातचीत विफल रही
13 अप्रैल 2026 अमेरिका ने नेवल ब्लॉकेड का ऐलान किया, ईरान ने इसे गैरकानूनी बताया
13 अप्रैल 2026 ईरानी राजदूत ने भारत को भरोसेमंद साथी बताया और टोल टैक्स से इनकार किया