ईरान के फिरोजाबाद शहर में एक सीमेंट फैक्ट्री पर हुए हमले में दो मजदूरों की मौत हो गई है। यह हमला शुक्रवार 27 मार्च 2026 को हुआ, जिसमें फैक्ट्री के एक हिस्से को निशाना बनाया गया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस हमले के लिए अमेरिका और इजरायल को जिम्मेदार माना जा रहा है। इस घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव बढ़ गया है और ईरानी सेना ने जवाबी कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है।

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हमले के बाद ईरान में क्या हैं हालात?

ईरानी अधिकारियों ने पुष्टि की है कि हमला फिरोजाबाद के फार्स प्रांत में स्थित एक सीमेंट प्लांट की खदान पर हुआ। अधिकारियों का कहना है कि यह एक गैर-सैन्य इलाका था जहां आम नागरिक काम कर रहे थे। इस हमले के साथ ही ईरान के अन्य हिस्सों जैसे Qom और Ardakan में भी हमले की खबरें आई हैं। तेहरान में सुरक्षा प्रणालियों को सक्रिय कर दिया गया है ताकि किसी भी संभावित खतरे को रोका जा सके।

जवाबी कार्रवाई की लिस्ट में किन देशों के नाम हैं?

ईरान की Tasnim न्यूज एजेंसी ने एक लिस्ट जारी की है जिसमें उन जगहों के नाम शामिल हैं जिन्हें जवाबी कार्रवाई में निशाना बनाया जा सकता है। इस खबर ने खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है क्योंकि इसमें आर्थिक ठिकानों का जिक्र है। लिस्ट में शामिल संभावित ठिकानों में इन देशों के स्टील प्लांट के नाम दिए गए हैं:

  • Saudi Arabia और United Arab Emirates के औद्योगिक केंद्र
  • Qatar और Kuwait के बड़े स्टील प्लांट
  • Bahrain और इजरायल के अहम ठिकाने

इस पूरे मामले को लेकर रूस की अपील पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की एक गुप्त बैठक भी बुलाई गई है। इसमें ईरान के नागरिक ठिकानों पर हुए हमलों और बढ़ते तनाव पर चर्चा की जाएगी। फिलहाल खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले लोग इस स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।