ईरान का दावा: दुबई में अमेरिकी ठिकानों पर हमला, UAE ने की कड़ी निंदा
ANI News के अनुसार, ईरान ने शनिवार को दावा किया है कि उसने दुबई में अमेरिकी सेना के दो ‘छिपे हुए ठिकानों’ पर हमला किया है. यह हमला पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के बीच हुआ, जिसकी जानकारी ईरानी सरकारी मीडिया Fars News Agency ने दी. यह घटना 28 मार्च, 2026 को सामने आई, जब ईरान ने यह दावा किया. इन हमलों को लेकर संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और अमेरिका ने कड़ा बयान दिया है.
ईरान के दावे और अमेरिकी प्रतिक्रिया
- ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने इस हमले की जिम्मेदारी ली.
- एक ईरानी सैन्य इकाई, हज़रत ख़ातम अल-अंबिया के प्रवक्ता ने बताया कि दुबई में अमेरिकी ठिकानों पर हमला हुआ, जिसमें 500 से अधिक अमेरिकी सैनिक मौजूद थे और उन्हें भारी नुकसान हुआ.
- हालांकि, अमेरिकी विदेश विभाग ने ईरान के इन दावों को ‘पूरी तरह से गलत जानकारी’ बताया. उन्होंने कहा कि दुबई में अमेरिकी राजनयिक सुविधा पर किसी भी हमले में कोई अमेरिकी नहीं मारा गया या घायल नहीं हुआ.
- अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने पुष्टि की कि दुबई में अमेरिकी दूतावास के पार्किंग स्थल पर एक संदिग्ध ईरानी ड्रोन टकराया था. उन्होंने बताया कि सभी कर्मचारी सुरक्षित थे और कोई घायल नहीं हुआ.
UAE और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय का रुख
- संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के रक्षा मंत्रालय ने इन हमलों की कड़ी निंदा की है. उन्होंने इसे ‘राष्ट्रीय संप्रभुता और अंतर्राष्ट्रीय कानून का घोर उल्लंघन’ बताया.
- UAE के राष्ट्रपति ने ईरानी हमलों के बाद देश को ‘युद्ध की स्थिति में’ घोषित किया है और अपने नागरिकों की सुरक्षा का संकल्प लिया है.
- दुबई सरकार के मीडिया कार्यालय ने बताया कि दूतावास के पास ‘ड्रोन से संबंधित घटना’ से लगी आग पर काबू पा लिया गया था और कोई घायल नहीं हुआ.
- हालांकि, 28 मार्च, 2026 को अबू धाबी में ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद औद्योगिक क्षेत्रों में आग लग गई थी, जिसमें पांच भारतीय नागरिकों को चोटें आईं.
- अमेरिकी विदेश विभाग ने ईरान की कार्रवाई को अमेरिकी राजनयिक सुविधाओं पर ‘भयावह और अवैध हमले’ कहा है.
संघर्ष में अन्य हालिया घटनाएँ
- 28 मार्च, 2026 को ईरान के IRGC ने यह भी दावा किया कि दुबई में एक होटल पर कामिकाज़े ड्रोन हमला किया गया और कुवैत में छह अमेरिकी लैंडिंग क्राफ्ट को निशाना बनाया गया.
- 27 मार्च, 2026 को एक ईरानी मिसाइल हमले में सऊदी अरब के एक एयरबेस पर कई अमेरिकी सैनिक घायल हुए और विमानों को नुकसान पहुंचा था.
- अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने 27 मार्च, 2026 को संकेत दिया कि अमेरिका क्षेत्र में अपने सैन्य उद्देश्यों के करीब है और जल्द ही अभियानों को ‘बंद’ कर सकता है.
- पेंटागन मध्य पूर्व में 82वें एयरबोर्न डिवीजन के सैनिकों को तैनात करने और ईरान के खर्ग द्वीप पर संभावित जमीनी अभियान पर विचार कर रहा है.




