ईरान का बड़ा ऐलान, होर्मुज रास्ता किया बंद, कच्चे तेल के दाम पहुंचे 100 डॉलर के पार
ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई के एक बयान ने पूरी दुनिया के तेल बाजार में खलबली मचा दी है। होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बंद करने की धमकी के बाद ब्रेंट क्रूड ऑयल (Brent Crude) की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है। इस विवाद के कारण समुद्री रास्तों से तेल का व्यापार ठप हो गया है और कई देशों में तेल की भारी किल्लत होने की आशंका बढ़ गई है।
कच्चे तेल की कीमतों में कितना आया उछाल?
12 मार्च 2026 के आंकड़ों के मुताबिक कच्चे तेल के दाम में एक ही दिन में भारी तेजी दर्ज की गई। ब्रेंट क्रूड करीब 9.29% उछलकर 100.53 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। वहीं WTI क्रूड भी 8.8% बढ़कर 94.92 डॉलर हो गया।
इससे पहले हफ्ते की शुरुआत में सप्लाई रुकने के डर से तेल 120 डॉलर प्रति बैरल तक भी पहुंच गया था। हालांकि मुजतबा खामेनेई के भाषण के बाद यह 100 डॉलर के आसपास स्थिर हो गया है। होर्मुज जलडमरूमध्य से दुनिया का 20% तेल गुजरता है और इसके बंद होने से बड़ा संकट पैदा हो गया है।
खाड़ी देशों और जहाजों पर क्या हो रहा है असर?
ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई ने साफ कह दिया है कि वह अमेरिका और उसके सहयोगियों पर दबाव बनाने के लिए इस समुद्री रास्ते को बंद रखेंगे। इसके अलावा समुद्री रास्ते और इराकी जल क्षेत्र में कई कमर्शियल जहाजों पर हमले और आगजनी की खबरें भी सामने आई हैं।
इस पाबंदी का सीधा असर खाड़ी देशों (GCC) पर पड़ा है। समुद्र के रास्ते एक्सपोर्ट बंद होने के कारण वहां के स्टोरेज पूरी तरह भर गए हैं। मजबूरी में GCC देशों को अपने तेल उत्पादन में 10 मिलियन बैरल प्रतिदिन की कटौती करनी पड़ी है।
दुनिया भर की एजेंसियों ने क्या उठाए कदम?
बाजार को स्थिर करने के लिए इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) ने बड़ा फैसला लिया है। IEA ने इमरजेंसी रिज़र्व से 400 मिलियन बैरल तेल निकालने की मंजूरी दी है जो इतिहास की सबसे बड़ी रिलीज है। वहीं अमेरिका भी अगले हफ्ते से 172 मिलियन बैरल तेल बाजार में उतारेगा।
सऊदी अरामको (Saudi Aramco) ने भी पुराने कॉन्ट्रैक्ट्स को किनारे रखते हुए तुरंत डिलीवरी वाले स्पॉट टेंडर जारी करना शुरू कर दिया है ताकि दुनिया में तेल की कमी न हो। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि यह महंगाई क्षेत्रीय खतरों को खत्म करने की एक छोटी कीमत है और विवाद खत्म होते ही दाम नीचे आ जाएंगे।





