Iran Conflict Impact: यूरोप की अर्थव्यवस्था पर मंडराया बड़ा खतरा, तेल की कीमतों में उछाल से बढ़ी मुश्किलें
ईरान और पश्चिमी देशों के बीच बढ़ते तनाव का सीधा असर अब यूरोप की अर्थव्यवस्था पर दिखने लगा है। Financial Times और IRNA न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, इस संघर्ष के नतीजे यूरोप के लिए बहुत गंभीर हो सकते हैं। International Monetary Fund (IMF) ने भी चेतावनी दी है कि इस युद्ध की वजह से दुनिया भर में सामान महंगा होगा और आर्थिक विकास की रफ्तार धीमी पड़ जाएगी। खासकर ऊर्जा आयात करने वाले देशों पर इसका सबसे ज्यादा बुरा असर पड़ने की संभावना है।
यूरोप की अर्थव्यवस्था पर क्या असर पड़ेगा?
यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) का कहना है कि अगर यह तनाव लंबा चला तो जर्मनी और इटली जैसे बड़े देश मंदी की चपेट में आ सकते हैं। महंगाई दर 2.6 प्रतिशत से बढ़कर 4.4 प्रतिशत तक जा सकती है, जिससे आम लोगों की जेब पर बोझ बढ़ेगा। Strait of Hormuz के बंद होने या बाधित होने से तेल और गैस की सप्लाई रुक गई है। बैंकों ने फिलहाल ब्याज दरों में कटौती का फैसला टाल दिया है, जिससे कर्ज लेना महंगा बना रहेगा। फ्रांस और जर्मनी जैसे देश अब अपनी सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाने की तैयारी कर रहे हैं।
तेल और गैस की सप्लाई पर क्या है ताज़ा अपडेट?
International Energy Agency (IEA) ने इसे इतिहास की सबसे बड़ी सप्लाई रुकावट बताया है। Strait of Hormuz से दुनिया का लगभग 25 से 30 प्रतिशत कच्चा तेल और 20 प्रतिशत LNG गुजरती है, जो अब युद्ध की वजह से प्रभावित हो रही है। तेल की कीमतें मार्च के महीने में अपने रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं। इससे न केवल यूरोप बल्कि पूरी दुनिया में ईंधन और बिजली के दाम बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस संकट से निकलने में लंबा समय लग सकता है और इसके नतीजे डरावने हो सकते हैं।
विभिन्न संस्थानों द्वारा दी गई चेतावनियां
| संस्था का नाम | मुख्य चेतावनी |
|---|---|
| IMF | दुनिया भर में कीमतों में बढ़ोतरी और धीमी विकास दर |
| IEA | ग्लोबल ऑयल मार्केट में अब तक की सबसे बड़ी सप्लाई रुकावट |
| ECB | ब्याज दरों में बढ़ोतरी और मंदी का खतरा |
| Financial Times | यूरोप की अर्थव्यवस्था के लिए डरावने नतीजे |



