Strait of Hormuz खोलने के लिए ईरान ने मांगा युद्ध का हर्जाना, ट्रंप ने दी पावर प्लांट पर हमले की चेतावनी
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव अब बेहद गंभीर स्थिति में पहुंच गया है। ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि वह Strait of Hormuz को तभी खोलेगा जब उसे युद्ध के नुकसान का पूरा मुआवजा दिया जाएगा। ईरानी अधिकारियों के मुताबिक, जलडमरूमध्य को खोलने की शर्त युद्ध की भरपाई है। इस फैसले के बाद खाड़ी देशों और पूरी दुनिया में तेल की सप्लाई को लेकर हड़कंप मच गया है।
ईरान ने जहाजों के लिए बनाए ये नए नियम
ईरान ने समुद्र के रास्ते गुजरने वाले जहाजों के लिए एक खास सिस्टम लागू किया है। इसके तहत जहाजों को उनकी देश की स्थिति के आधार पर वर्गीकृत किया गया है।
- दुश्मन देश: इस श्रेणी में आने वाले देशों के जहाजों के प्रवेश पर पूरी तरह पाबंदी रहेगी।
- तटस्थ (Neutral) देश: इन देशों के जहाजों को रास्ता मिलेगा लेकिन उन्हें भारी टैक्स या फीस चुकानी होगी।
- दोस्त देश: ईरान के मित्र देशों को बिना किसी शुल्क के रास्ता दिया जाएगा।
- लागत: बताया जा रहा है कि एक जहाज को गुजरने के लिए 20 लाख डॉलर तक की फीस देनी पड़ सकती है।
अमेरिका का अल्टीमेटम और ओमान की कोशिशें
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस मामले में कड़ी चेतावनी जारी की है। उन्होंने कहा है कि अगर सोमवार, 6 अप्रैल तक ईरान ने रास्ता नहीं खोला, तो मंगलवार को ईरान के बड़े पावर प्लांट और पुलों पर हमला किया जाएगा। दूसरी तरफ, ओमान इस विवाद को सुलझाने के लिए ईरान के साथ बातचीत कर रहा है। गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (GCC) ने ईरान की इस वसूली को अंतरराष्ट्रीय नियमों के खिलाफ बताया है। भारतीयों के लिए यह खबर इसलिए जरूरी है क्योंकि इस रास्ते के बंद होने से पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ सकते हैं और खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों पर भी इसका असर पड़ सकता है।




