Saudi Arabia Oil Attack: सऊदी अरब के तेल ठिकानों पर हमले से ईरान का इनकार, अमेरिका और इजराइल पर लगाया साजिश का आरोप
सऊदी अरब के तेल ठिकानों पर हो रहे हालिया हमलों को लेकर ईरान ने अपनी भूमिका से पूरी तरह इनकार किया है। रविवार, 15 मार्च 2026 को सऊदी अरब में ईरान के राजदूत अलिरेज़ा इनायती (Alireza Enayati) ने आधिकारिक बयान देते हुए कहा कि इन हमलों के पीछे तेहरान का कोई हाथ नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर ईरान ने ये हमले किए होते, तो वह खुले तौर पर इसकी जिम्मेदारी लेता। यह बयान ऐसे समय में आया है जब सऊदी की सबसे बड़ी रिफाइनरी और तेल क्षेत्रों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है।
हमले के पीछे किसका हाथ है
ईरानी राजदूत ने इन हमलों का आरोप अमेरिका और इजराइल पर लगाया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक संदेश साझा करते हुए उन्होंने दावा किया कि ये देश ईरान को फंसाने की कोशिश कर रहे हैं। उनके मुताबिक इस साजिश में ‘Lucas drone’ का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिसे ईरानी ड्रोन Shahed का रूप दिया गया है। इनायती ने बताया कि ईरान केवल अमेरिका और इजराइल के ठिकानों को ही निशाना बनाता है और जब भी वह ऐसा करता है, तो आधिकारिक तौर पर उसकी जानकारी भी देता है।
सऊदी अरब में हालिया ड्रोन हमले और अलर्ट
फरवरी के अंत से इस क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया है, जिसका असर सऊदी के अहम तेल ठिकानों पर पड़ा है। 14-15 मार्च के बीच सऊदी एयर डिफेंस ने रियाद और पूर्वी प्रांत के ऊपर 7 ड्रोन (UAV) मार गिराए हैं। नीचे प्रमुख ठिकानों की जानकारी दी गई है जिन पर हाल ही में हमले हुए हैं:
- Ras Tanura Refinery: सऊदी के पूर्वी तट पर स्थित यह सबसे बड़ी रिफाइनरी है। 2 और 4 मार्च को यहां ड्रोन हमले हुए, जिससे कुछ समय के लिए काम रुका और हल्की आग लगी।
- Shaybah Oil Field: यूएई बॉर्डर के पास स्थित इस तेल क्षेत्र पर दर्जनों ड्रोन हमले करने की कोशिश की गई है।
सऊदी रक्षा मंत्रालय ने इन हमलों के लिए सीधे तौर पर किसी का नाम नहीं लिया है, लेकिन पूरे क्षेत्र में सेना को ‘full alert’ पर रखा गया है। इसके अलावा संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने 11 मार्च को एक प्रस्ताव पास करके खाड़ी देशों पर हो रहे इन हमलों की निंदा की है।
तनाव के बीच दोनों देशों के रिश्ते
इन सैन्य तनावों के बावजूद राजदूत इनायती ने बताया कि दोनों देशों के बीच राजनयिक रिश्ते सामान्य रूप से आगे बढ़ रहे हैं। मेडिकल सहायता और ईरानी तीर्थयात्रियों की सऊदी से वापसी जैसे मानवीय काम बिना किसी रुकावट के चल रहे हैं। राजदूत ने खाड़ी देशों से अपील की है कि वे बाहरी देशों के प्रभाव को कम करने के लिए आपसी रिश्तों पर गंभीरता से विचार करें।




