ईरान का अमेरिका को बड़ा जवाब, कहा- डेडलाइन टालने के लिए हमने नहीं किया कोई भी अनुरोध
ईरान के विदेश मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि उन्होंने अमेरिका से किसी भी कथित समय सीमा को आगे बढ़ाने या रद्द करने के लिए कोई अनुरोध नहीं किया है। 26 मार्च 2026 को जारी एक बयान में ईरान ने उन दावों को खारिज किया जिसमें कहा जा रहा था कि उसने अमेरिका से मोहलत मांगी है। ईरान ने स्पष्ट किया है कि उसकी स्थिति और मांगें पूरी तरह से साफ हैं और वह किसी भी दबाव में नहीं आएगा। यह घटनाक्रम खाड़ी क्षेत्र में बढ़ती सैन्य और कूटनीतिक हलचल के बीच सामने आया है।
क्या ईरान और अमेरिका के बीच कोई सीधी बातचीत हो रही है?
ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi और विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmail Baqaei ने बार-बार यह दोहराया है कि अमेरिका के साथ उनकी कोई सीधी या प्रत्यक्ष बातचीत नहीं चल रही है। हालांकि पाकिस्तान जैसे मध्यस्थ देशों के जरिए दोनों देशों के बीच संदेशों का आदान-प्रदान जरूर हुआ है, लेकिन ईरानी अधिकारियों का कहना है कि इसे बातचीत का नाम नहीं दिया जा सकता। ईरान ने अमेरिका के 15-सूत्रीय प्रस्ताव को भी मानने से फिलहाल इनकार कर दिया है।
वर्तमान स्थिति से जुड़ी मुख्य जानकारियां
- ईरान ने अमेरिका को किसी भी तरह का अनुरोध भेजने की खबरों को पूरी तरह गलत बताया है।
- अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर हमले की योजना को 10 दिनों के लिए टालने का फैसला किया है।
- Strait of Hormuz को खोलने और संघर्ष को खत्म करने की शर्तों पर ईरान का रुख अब भी नहीं बदला है।
- पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने पुष्टि की है कि उनके जरिए दोनों देशों के बीच परोक्ष संदेश भेजे जा रहे हैं।
- ईरान ने अपनी सुरक्षा और सैन्य तैयारियों को लेकर कोई समझौता न करने की बात कही है।
ईरान के अधिकारियों ने यह भी कहा है कि उन्हें अमेरिकी कूटनीति पर भरोसा नहीं है और वे अपनी शर्तों पर ही आगे बढ़ेंगे। जानकारों का मानना है कि दोनों देशों के बीच मांगों को लेकर बड़ा अंतर है, जिससे कूटनीतिक समाधान फिलहाल मुश्किल नजर आ रहा है।




