21 मार्च 2026 को ईरान के पश्चिमी हिस्से में स्थित डेज़फुल बेस पर अमेरिका और इजरायल के लड़ाकू विमानों ने भीषण हमला किया। खबरों के मुताबिक इस हमले में वहदाती एयरबेस (Vahdati Air Base) को निशाना बनाया गया है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने इन हमलों को तुरंत रोकने की मांग की है और कहा है कि युद्ध खत्म करने के लिए इन हमलों पर रोक जरूरी है। पिछले कुछ घंटों में मिडिल ईस्ट के हालात काफी बिगड़ गए हैं और कई देशों ने अपनी सुरक्षा कड़ी कर दी है।

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हमले से जुड़ी मुख्य बातें और नुकसान

इजरायली सेना ने तेहरान में बैलिस्टिक मिसाइल बनाने वाली जगहों पर बड़े हमले की बात कही है। यह हमले इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के ठिकानों पर किए गए हैं। इसके अलावा रूस के विदेश मंत्रालय ने ईरान के नतान्ज़ (Natanz) परमाणु केंद्र पर हुए हमले की कड़ी निंदा की है। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने भी पुष्टि की है कि ईरान ने अपने परमाणु ठिकाने पर हमले की जानकारी दी है। अमेरिका और इजरायल के विमानों ने डेज़फुल के पास कई राउंड बमबारी की जिससे भारी नुकसान की खबरें आ रही हैं।

पड़ोसी देशों की स्थिति और सुरक्षा अलर्ट

देश सुरक्षा कार्रवाई तारीख
UAE 3 बैलिस्टिक मिसाइल और 8 ड्रोन मार गिराए 21 मार्च 2026
सऊदी अरब रियाद में ड्रोन हमलों को नाकाम किया 21 मार्च 2026
इजरायल तेहरान पर बड़े हवाई हमले किए 21 मार्च 2026
ईरान इजरायल पर मिसाइलें दागीं 21 मार्च 2026

सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की है कि उन्होंने रियाद और पूर्वी प्रांतों में होने वाले बड़े हवाई हमलों को नाकाम कर दिया है। यूएई ने बताया कि जब से ईरान के हमले शुरू हुए हैं तब से उन्होंने कुल 341 बैलिस्टिक मिसाइल और 1748 ड्रोन को इंटरसेप्ट किया है। इस तनाव के कारण उत्तरी इजरायल में भी सायरन बज रहे हैं और लोगों को सावधान रहने को कहा गया है। ईरान और दक्षिण लेबनान की तरफ से लगातार मिसाइलें दागी जा रही हैं जिससे पूरे खाड़ी क्षेत्र में डर का माहौल है।