Iran-US Conflict: ईरान ने ट्रंप के ‘अल्टीमेटम’ को बताया बाजार का खेल, भारत को दी बड़ी जिम्मेदारी
ईरान ने साफ कर दिया है कि उसका अमेरिका के साथ बातचीत का फिलहाल कोई इरादा नहीं है। भारत में ईरान के राजदूत Mohammad Fathali ने ANI से बात करते हुए बताया कि अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump की बातचीत की अपील सिर्फ बाज़ार को प्रभावित करने की एक चाल है। ईरान ने स्पष्ट किया कि जब तक अमेरिका अपने व्यवहार में बदलाव नहीं लाता, तब तक कूटनीति का कोई आधार नहीं बनता है।
ईरान और अमेरिका के बीच मौजूदा स्थिति क्या है?
राजदूत Mohammad Fathali के अनुसार, Washington के साथ कोई भी राजनयिक रास्ता फिलहाल खुला नहीं है। उन्होंने कहा कि एक तरफ अमेरिका बातचीत की बात करता है और दूसरी तरफ ईरान के आर्थिक और नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमले कर रहा है। ट्रंप ने पांच दिनों के विराम और रचनात्मक बातचीत का दावा किया था, लेकिन तेहरान ने इसे सिरे से खारिज कर दिया है। ईरान का कहना है कि वह किसी भी अल्टीमेटम से नहीं डरेगा और अपनी संप्रभुता के लिए प्रतिरोध का रास्ता जारी रखेगा।
Strait of Hormuz और भारत की भूमिका पर क्या कहा?
समुद्री सुरक्षा और क्षेत्रीय तनाव को लेकर राजदूत ने कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की हैं। उन्होंने भारत के साथ संबंधों पर जोर दिया है:
- Strait of Hormuz उन देशों के लिए खुला रहेगा जो हमलावर नहीं हैं।
- भारत को इस तनाव को कम करने के लिए एक भरोसेमंद और महत्वपूर्ण खिलाड़ी माना गया है।
- ईरान और भारत के बीच संबंध बहुत मजबूत हैं और भारत तेहरान का एक अहम साझेदार है।
- आने वाले समय में भारतीय जहाजों को सुरक्षित रास्ता मिल सकता है।
- क्षेत्रीय शांति बनाए रखने के लिए भारत की विशेष स्थिति की सराहना की गई है।




