ईरान ने ब्रिक्स देशों से की बड़ी मांग, अमेरिका और इसराइल की हरकतों की निंदा करने की अपील.
भारत में ईरान के राजदूत Mohammad Fathali ने BRICS देशों से अपील की है कि वे अमेरिका और इसराइल की गैर-कानूनी हरकतों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाएं। 6 अप्रैल 2026 को दिए गए इस बयान में उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून की रक्षा के लिए BRICS एक प्रभावी भूमिका निभा सकता है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ईरान अब दुनिया के बड़े देशों से समर्थन की उम्मीद कर रहा है और भारत के रुख पर भी सबकी नजरें बनी हुई हैं।
ईरान के राजदूत ने क्या मांग रखी है?
ईरान के राजदूत ने America और Israel की कार्रवाई को ‘आधुनिक बर्बरता’ बताया है क्योंकि इसमें नागरिकों और बुनियादी ढांचों को निशाना बनाया जा रहा है। राजदूत ने India की ओर से बातचीत और संयम बरतने की अपील की तारीफ की है। उन्होंने सुझाव दिया कि भारत वर्तमान परिस्थितियों में बहुत प्रभावी भूमिका निभा सकता है। ईरान का कहना है कि BRICS एक ऐसा मंच है जो पारंपरिक वैश्विक ढांचे से स्वतंत्र होकर काम कर सकता है और तनाव कम करने में मदद कर सकता है।
BRICS और भारत का वर्तमान स्टैंड क्या है?
साल 2026 में BRICS की अध्यक्षता India के पास है और अभी तक इस समूह ने अमेरिका या इसराइल के खिलाफ कोई साझा बयान जारी नहीं किया है। पिछले साल Brazil की अध्यक्षता के दौरान इसराइल के हमलों की निंदा की गई थी, लेकिन वर्तमान में सदस्यों के बीच अलग-अलग रणनीतिक हितों के कारण सहमति नहीं बनी है। BRICS में अब Iran, UAE और Saudi Arabia जैसे देश भी शामिल हैं, जो इस पूरे संकट के केंद्र में हैं। भारत ने अब तक केवल संवाद और संयम की बात दोहराई है।
हालिया हमले और रक्षा से जुड़ी जानकारी
6 अप्रैल 2026 को पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ गया, जिससे जुड़ी मुख्य जानकारी इस प्रकार है:
- ईरान में हमला: ईरान के South Pars Petrochemical Plant और एक मुख्य यूनिवर्सिटी पर बमबारी हुई, जिसमें 34 लोगों की जान चली गई।
- UAE की कार्रवाई: UAE के डिफेंस सिस्टम ने ईरान की तरफ से आई 12 बैलिस्टिक मिसाइलों और 19 ड्रोन्स को हवा में ही मार गिराया।
- युद्धविराम की कोशिश: Pakistan ने 45 दिनों के युद्धविराम के लिए एक दो-चरणों वाला प्लान पेश किया है जिस पर बातचीत चल रही है।
- ईरान का रुख: ईरान ने कहा है कि वह अपनी रक्षा के लिए तैयार है लेकिन अगर उसके हितों की रक्षा होती है तो वह कूटनीति के लिए भी तैयार है।




