ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने Strait of Hormuz के नियमों में बहुत बड़ा बदलाव किया है। अब ईरान ने अपने ऑपरेशनल ज़ोन को 30 मील से बढ़ाकर 300 मील यानी करीब 500 किलोमीटर कर दिया है। IRGC ने साफ़ कहा है कि अब इस पूरे इलाके पर उनकी कड़ी नज़र रहेगी और केवल उन्हीं जहाज़ों को आने दिया जाएगा जिनके पास अनुमति होगी।
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नया नियम क्या है और कितना बढ़ा है ईरान का इलाका
ईरान की IRGC ने 12 मई 2026 को यह ऐलान किया कि अब Strait of Hormuz का दायरा पहले जैसा सीमित नहीं रहेगा। पहले इसे केवल कुछ टापुओं के आसपास का छोटा इलाका माना जाता था, लेकिन अब इसे Jask और Sirik के तटों से लेकर Qeshm और Greater Tunb आइलैंड के आगे तक फैला दिया गया है।
- पुराना ज़ोन: 20 से 30 मील
- नया ज़ोन: 200 से 300 मील (लगभग 500 किलोमीटर)
- कंट्रोल: IRGC ने इसे एक ‘कम्प्लीट क्रिसेंट’ कॉरिडोर बना दिया है।
IRGC नेवी के राजनीतिक डिप्टी मोहम्मद अकबरज़ादेह ने कहा कि अब यह इलाका एक बहुत बड़ा ऑपरेशनल एरिया बन गया है और वे अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाएंगे।
किन जहाज़ों को होगी परेशानी और क्या है चेतावनी
ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि अब इस जलमार्ग से गुज़रने का एकमात्र सुरक्षित रास्ता वही होगा जो इस्लामिक रिपब्लिक द्वारा तय किया जाएगा। ईरान की सेना के प्रवक्ता मोहम्मद अकरमनिया ने 10 मई 2026 को बताया कि जो देश अमेरिका द्वारा ईरान पर लगाए गए प्रतिबंधों का पालन करेंगे, उनके जहाज़ों को Hormuz से गुज़रने में मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा।
इसके अलावा, ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर उनके टैंकरों या कमर्शियल जहाज़ों को निशाना बनाया गया, तो वे दुश्मन जहाज़ों और अमेरिकी संपत्तियों पर भारी हमला करेंगे। ईरानी कानून निर्माता अब ऐसा कानून बना रहे हैं जिससे वे ‘शत्रु देशों’ के जहाज़ों का रास्ता पूरी तरह बंद कर सकें।
हाल की घटनाएँ और अन्य देशों का प्रभाव
पिछले कुछ दिनों में इस क्षेत्र में काफी तनाव देखा गया है। 11 मई 2026 को IRGC की तेज़ रफ़्तार नावों ने कमर्शियल ट्रैफिक के पास अपनी मौजूदगी बढ़ाई थी। वहीं 8 मई को ईरान ने JIN LI नाम के जहाज़ को ज़ब्त किया था, जबकि अमेरिकी सेना ने ईरान के दो टैंकरों SEA STAR III और SEVDA को रोका था।
राहत की बात यह है कि पाकिस्तान की मध्यस्थता से अमेरिका और ईरान के बीच एक सीज़फायर फ्रेमवर्क तैयार हुआ है। इसी वजह से कतर के LNG कार्गो जहाज़ों ने दोबारा Hormuz से गुज़रना शुरू किया है, लेकिन इसके लिए उन्हें ईरान से पहले अनुमति लेनी पड़ती है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ईरान ने Strait of Hormuz के ऑपरेशनल ज़ोन को कितना बढ़ाया है
ईरान ने अपने ऑपरेशनल ज़ोन को 30 मील से बढ़ाकर 300 मील (लगभग 500 किलोमीटर) कर दिया है, जो Jask और Sirik से Greater Tunb आइलैंड तक फैला है।
किन जहाज़ों को इस नए नियम से परेशानी होगी
उन देशों के जहाज़ों को परेशानी होगी जो अमेरिका द्वारा ईरान पर लगाए गए प्रतिबंधों का पालन करते हैं, साथ ही बिना अनुमति के प्रवेश करने वाले जहाज़ों पर कड़ी कार्रवाई होगी।
