ईरान की राजधानी तेहरान के अभियोजक अली सालेही ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया है। यह कार्रवाई 2 मार्च 2026 को ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या और उससे पहले 28 फरवरी को हुए सैन्य हमलों के विरोध में की गई है। तेहरान के अभियोजक कार्यालय ने इन दोनों नेताओं को इस पूरी घटना का मुख्य मास्टरमाइंड बताया है और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

📰: Türkiye ने ईरानी राजदूत को दूसरी बार किया तलब, मिसाइल गिरने के बाद बढ़ा तनाव

किन धाराओं में और किन लोगों पर दर्ज हुआ केस?

तेहरान के अभियोजक ने बताया कि यह मामला संयुक्त राष्ट्र चार्टर के उल्लंघन और आतंकवाद जैसी गंभीर धाराओं में दर्ज किया गया है। इसमें ट्रंप और नेतन्याहू के अलावा अमेरिका और इजरायल के करीब 40 अन्य सैन्य और राजनीतिक अधिकारियों को भी आरोपी बनाया गया है। ईरान ने इन नेताओं के खिलाफ ठोस सबूत होने का दावा किया है।

  • मुख्य आरोपी: डोनाल्ड ट्रंप और बेंजामिन नेतन्याहू
  • आरोप का आधार: हत्या, आतंकवाद और युद्ध अपराध
  • कुल आरोपी: 40 से अधिक सैन्य और राजनीतिक अधिकारी
  • पीड़ित: अयातुल्ला खामेनेई और लगभग 300 आम नागरिक

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान की क्या है तैयारी?

ईरान के न्यायपालिका प्रमुख गुलाम हुसैन मोहसेनी-एजेई ने इस मामले में कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा है कि इन युद्ध अपराधों की जांच में कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी। ईरान अब इन नेताओं के खिलाफ इंटरपोल से दोबारा रेड नोटिस जारी करने की मांग कर रहा है। हालांकि पहले भी ऐसी मांगों को खारिज किया जा चुका है लेकिन ईरान इसे अंतरराष्ट्रीय अदालतों में ले जाने की तैयारी कर रहा है।

कार्रवाई का प्रकार मौजूदा स्थिति
न्यायिक केस तेहरान कोर्ट में फाइल हुआ
इंटरपोल अपील रेड नोटिस के लिए आवेदन किया गया
डिप्लोमैटिक नोट UN सुरक्षा परिषद को सूचना दी गई

ईरानी मिशन ने संयुक्त राष्ट्र को साफ कर दिया है कि यह कदम उनकी संप्रभुता पर हुए हमले का कानूनी जवाब है। खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय प्रवासियों के लिए यह खबर काफी अहम है क्योंकि इस कानूनी टकराव से क्षेत्र में तनाव और बढ़ सकता है। ईरान का कहना है कि वह अपने नेताओं की सुरक्षा और सम्मान के लिए कानून का सहारा लेना जारी रखेगा।