नई दिल्ली में हुए BRICS विदेश मंत्रियों की बैठक में ईरान के विदेश मंत्री Seyyed Abbas Araghchi ने दुनिया को कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में बड़े बदलाव की मांग की और अमेरिका व इसराइल के साथ-साथ UAE पर भी गंभीर आरोप लगाए। यह पूरी चर्चा अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी गरमा गई है।
सुरक्षा परिषद (UNSC) में बदलाव को लेकर ईरान ने क्या कहा?
ईरान के विदेश मंत्री Araghchi ने साफ शब्दों में कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में सुधार अब कोई विकल्प नहीं बल्कि एक जरूरत है। उनके मुताबिक, अगर संयुक्त राष्ट्र को बचाना है तो इस परिषद में बदलाव करना होगा। उन्होंने ऐसी काउंसिल की मांग की जिसमें सभी महाद्वीपों और क्षेत्रों का सही प्रतिनिधित्व हो और ताकत कुछ गिने-चुने देशों के बजाय जिम्मेदारी से सबके बीच बंटी हो।
UAE और इसराइल पर क्या आरोप लगाए गए?
बैठक के दौरान ईरान ने अमेरिका और इसराइल को हमलावर बताते हुए उन पर नागरिकों और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने का आरोप लगाया। ईरान के मुताबिक 28 फरवरी से रिफाइनरी, पुल, रेलवे, स्टेडियम और Minab स्कूल जैसे कई महत्वपूर्ण ठिकानों पर हमले हुए हैं। इसी के साथ, Araghchi ने सीधे तौर पर UAE को भी इन सैन्य अभियानों में शामिल बताया और कहा कि UAE ने इसराइल के साथ मिलीभगत की है, जिसके लिए उन्हें जवाबदेह ठहराया जाएगा।
भारत में बैठक और अन्य खास बातें
यह बैठक 14 और 15 मई 2026 को नई दिल्ली में आयोजित की गई। इस दौरान विदेश मंत्री S. Jaishankar और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान के विदेश मंत्री Araghchi से मुलाकात की। एक खास बात यह रही कि Araghchi जिस विमान से दिल्ली आए, उस पर Minab168 लिखा था। यह उन 168 स्कूली बच्चों की याद में था जिनकी मौत 28 फरवरी को अमेरिकी हमले में हुई थी।
- ईरान ने BRICS को ग्लोबल साउथ की नई ताकत बताया है।
- चीन ने पहले ही इसराइल और अमेरिका के हमलों की निंदा की है।
- ईरान ने अमेरिकी दबाव और जबरदस्ती को खत्म करने के लिए BRICS देशों से एकजुट होने की अपील की है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ईरान ने UAE पर क्या गंभीर आरोप लगाया है?
ईरान के विदेश मंत्री ने कहा कि UAE सीधे तौर पर ईरान के खिलाफ सैन्य अभियानों में शामिल था और उसने इसराइल के साथ मिलकर काम किया है।
विमान पर लिखा Minab168 क्या दर्शाता है?
यह उन 168 स्कूली बच्चों का प्रतीक है जिनकी जान 28 फरवरी को एक अमेरिकी हमले में गई थी।
