ईरान की फुटबॉल टीम ने स्कूल हमले में मारे गए बच्चों को दी श्रद्धांजलि, मैदान पर स्कूल बैग लेकर उतरे खिलाड़ी
ईरान की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम ने मिनाब में हुए स्कूल बमबारी में मारे गए बच्चों को एक भावुक श्रद्धांजलि दी है। शुक्रवार को नाइजीरिया के खिलाफ खेले गए एक दोस्ताना मैच से पहले खिलाड़ियों ने राष्ट्रगान के दौरान अपने हाथों में स्कूल बैग पकड़े हुए थे। इस हमले में 100 से ज्यादा स्कूली बच्चों की जान चली गई थी, जिसकी याद में खिलाड़ियों ने अपनी बांह पर काली पट्टी भी बांधी।
मिनाब स्कूल हमले और खिलाड़ियों के विरोध की पूरी जानकारी
यह घटना तुर्की के अंताल्या में ईरान और नाइजीरिया के बीच हुए मैच के दौरान देखने को मिली। टीम के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि यह प्रदर्शन स्कूली बच्चों की हत्या के खिलाफ एक विरोध था। दरअसल, 28 फरवरी 2026 को होर्मोज़्गान प्रांत के मिनाब में एक स्कूल पर मिसाइल हमला हुआ था। इस घटना से जुड़ी कुछ मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:
- हमले की तारीख: 28 फरवरी 2026 को सुबह करीब 10:30 बजे हमला हुआ था।
- मृतकों की संख्या: इस हमले में कम से कम 175 लोगों की जान गई, जिनमें 100 से अधिक बच्चे थे।
- पीड़ित: मरने वालों में ज्यादातर 7 से 12 साल की स्कूली छात्राएं शामिल थीं।
- अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया: UNESCO और मानवाधिकार संगठनों ने इसे अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का उल्लंघन बताया है।
ईरान के खेल जगत और आगामी वर्ल्ड कप पर इसका असर
ईरान के खेल और युवा मंत्रालय ने गुरुवार को एक बड़ा फैसला लिया है। अब ईरान की कोई भी राष्ट्रीय टीम उन देशों में खेलने नहीं जाएगी जिन्हें तेहरान अपना दुश्मन मानता है या जो मौजूदा संघर्ष में शामिल हैं। इस फैसले से 2026 FIFA World Cup में ईरान की भागीदारी पर सवाल खड़े हो गए हैं क्योंकि इसकी मेजबानी अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको कर रहे हैं। अमेरिका ने मिनाब हमले की जांच शुरू कर दी है और कहा है कि वह कभी जानबूझकर किसी स्कूल को निशाना नहीं बनाता।
| विषय | विवरण |
|---|---|
| मैच का स्थान | अंताल्या, तुर्की |
| विरोध का तरीका | हाथों में स्कूल बैग और काली पट्टी |
| हमले का स्थान | मिनाब, ईरान |
| भविष्य की योजना | स्कूल वाली जगह को म्यूजियम बनाया जाएगा |




