ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण बात कही है। उन्होंने बताया कि लेबनान सहित पूरे क्षेत्र में व्यापक सीजफायर होने से इसराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को जेल भेजने की प्रक्रिया तेज़ हो सकती है। ईरान का मानना है कि शांति बहाली से अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ेगा और नेतन्याहू के लिए मुश्किलें पैदा होंगी। यह बयान 9 अप्रैल 2026 को आया है जब सीजफायर की शर्तों को लेकर दुनिया भर में चर्चा हो रही है।

🚨: अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता जल्द, पाकिस्तान में कल शुरू होगी बातचीत, ट्रंप ने दी बड़ी जानकारी.

सीजफायर में लेबनान के शामिल होने पर क्यों मचा है विवाद?

इस समय सबसे बड़ा झगड़ा इस बात पर है कि दो हफ्ते के अस्थायी समझौते में लेबनान शामिल है या नहीं। ईरान, पाकिस्तान और रूस जैसे देशों का कहना है कि शांति समझौता पूरे क्षेत्र के लिए है जिसमें लेबनान भी आता है। वहीं दूसरी तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजराइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने साफ़ कर दिया है कि लेबनान इस डील का हिस्सा नहीं है। ट्रंप ने इसके लिए हिजबुल्ला को जिम्मेदार ठहराया है। ईरान ने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को इस बातचीत में मध्यस्थता के लिए शुक्रिया भी अदा किया है।

इजराइल के हवाई हमले और समझौते की ताज़ा स्थिति

शांति समझौते के ऐलान के कुछ ही देर बाद इजराइल ने लेबनान पर भारी बमबारी शुरू कर दी। इजराइल का कहना है कि चूंकि लेबनान समझौते में नहीं है, इसलिए वह वहां हमले जारी रख सकता है। इस स्थिति से जुड़ी कुछ अहम जानकारियां नीचे दी गई हैं:

  • इजराइल ने मात्र 10 मिनट के भीतर लेबनान पर करीब 100 हवाई हमले किए।
  • ईरान ने इन हमलों को समझौते की शर्तों का उल्लंघन बताया है।
  • हिजबुल्ला ने दावा किया है कि उसे समझौते का हिस्सा बताया गया था, इसलिए उसने हमले रोके थे।
  • ईरान के संसद अध्यक्ष ने अमेरिका पर समझौते के तीन अहम पॉइंट तोड़ने का आरोप लगाया है।
  • ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर हमले नहीं रुके तो वह करारा जवाब देगा।

फिलहाल यह सीजफायर बहुत नाजुक मोड़ पर है। ईरान का कहना है कि अमेरिका को अब यह तय करना होगा कि वह शांति चाहता है या इजराइल के हमलों का समर्थन करना चाहता है। इस पूरे विवाद के बीच आम लोगों में शांति को लेकर संशय बना हुआ है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.