ईरान के विदेश मंत्री ने की रूस और सऊदी अरब से बात, सीज़फायर और समुद्री सुरक्षा पर हुई चर्चा.
ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने हाल ही में दुनिया के कई महत्वपूर्ण देशों के विदेश मंत्रियों के साथ फोन पर अलग-अलग बातचीत की है। 9 अप्रैल 2026 को हुई इस बातचीत का मुख्य उद्देश्य पश्चिम एशिया (West Asia) में हो रहे ताजा बदलावों और द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा करना था। Araghchi ने रूस, सऊदी अरब, इराक और दक्षिण कोरिया के अपने समकक्षों से संपर्क कर क्षेत्र में शांति और सुरक्षा की स्थिति पर विस्तार से बात की।
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इन देशों के साथ बातचीत में क्या खास रहा?
ईरानी विदेश मंत्री ने इन फोन कॉल्स के जरिए क्षेत्रीय स्थिरता और हाल ही में हुए समझौतों पर जोर दिया। रूस के विदेश मंत्री Sergey Lavrov के साथ हुई बातचीत में मुख्य रूप से ईरान-अमेरिका के बीच घोषित सीज़फायर का स्वागत किया गया। इसके अलावा सऊदी अरब और इराक के विदेश मंत्रियों के साथ भी इस मुद्दे पर चर्चा हुई कि कैसे संघर्ष को पूरी तरह खत्म किया जा सकता है। बातचीत के कुछ मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
- रूस: सीज़फायर के क्षेत्रीय प्रभावों और लेबनान की स्थिति पर चर्चा की गई।
- सऊदी अरब और इराक: क्षेत्र में शांति बनाए रखने और आपसी सहयोग को बढ़ाने पर बात हुई।
- दक्षिण कोरिया: द्विपक्षीय संबंधों और पश्चिम एशिया के ताजा घटनाक्रमों पर ध्यान दिया गया।
- फ्रांस का रुख: फ्रांसीसी विदेश मंत्री Jean-Noël Barrot ने समुद्री रास्तों की सुरक्षा को लेकर एक विशेष मिशन की योजना की जानकारी दी।
सीज़फायर और समुद्री रास्तों की सुरक्षा पर अपडेट
विदेश मंत्री Araghchi ने स्पष्ट किया कि ईरान और इजराइल के बीच संघर्ष को रोकने के लिए सभी पक्षों को अपनी प्रतिबद्धताएं निभानी होंगी। उन्होंने कहा कि अगर सीज़फायर की शर्तों का सही तरीके से पालन किया जाता है, तो होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के जरिए जहाजों की आवाजाही पूरी तरह सुरक्षित रहेगी। ईरानी सशस्त्र बलों के साथ समन्वय में सुरक्षित नेविगेशन की बात भी कही गई। इसके साथ ही लेबनान में हो रहे हमलों की निंदा करते हुए उन्हें रोकने की जरूरत पर जोर दिया गया है।




