ईरान के विदेश मंत्री का बड़ा बयान, कहा पड़ोसी देशों के साथ भरोसा दोबारा कायम करना आसान नहीं
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराक्ची ने हाल ही में क्षेत्रीय तनाव और पड़ोसी देशों के साथ रिश्तों पर खुलकर बात की है। उन्होंने माना कि हाल के घटनाक्रमों की वजह से रिश्तों में काफी दरार आई है और दोबारा भरोसा बनाना एक बड़ी चुनौती होगी। अराक्ची के मुताबिक इसमें काफी समय और कूटनीतिक कोशिशें लगेंगी, लेकिन उन्हें भरोसा है कि बातचीत के जरिए हालात को धीरे-धीरे सामान्य दिशा में लाया जा सकता है।
पड़ोसी देशों के साथ रिश्तों पर क्या बोले विदेश मंत्री?
ईरानी विदेश मंत्री ने साफ किया कि हालिया तनाव के बाद सऊदी अरब और यूएई जैसे देशों के साथ विश्वास बहाल करना रातों-रात संभव नहीं है। उन्होंने माना कि क्षेत्रीय हालात ने कड़वाहट पैदा की है और इसे सुलझाने में वक्त लगेगा। खाड़ी के देशों में बड़ी संख्या में भारतीय प्रवासी रहते हैं, इसलिए यहां के देशों के बीच बिगड़े रिश्ते और सुरक्षा के मुद्दे सीधे तौर पर वहां काम करने वालों की शांति और स्थिरता पर असर डालते हैं।
ईरान की नई रणनीति और मुख्य मांगे क्या हैं?
- युद्ध की पूर्ण समाप्ति: ईरान ने कहा है कि वह सिर्फ युद्धविराम स्वीकार नहीं करेगा, बल्कि पूरे क्षेत्र में युद्ध की पूरी तरह समाप्ति चाहता है।
- सुरक्षा गारंटी: सऊदी अरब और यूएई जैसे देश तेहरान पर सैन्य दबाव बनाए रखने और भविष्य के हमलों के खिलाफ गारंटी की मांग कर रहे हैं।
- संयुक्त राष्ट्र में पक्ष: अब्बास अराक्ची ने यूएन महासचिव के साथ बातचीत में अमेरिका और इजरायल की सैन्य आक्रामकता पर चिंता जताई है।
- आर्थिक समझौते: ईरान ने यूएई के साथ हुए समझौतों को बेहतर बनाने और आर्थिक रिश्तों को आगे बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया है।
- भरोसे की कमी: सऊदी अरब के विदेश मंत्री ने चेतावनी दी है कि ईरानी हमलों की वजह से बना-बनाया विश्वास अब लगभग टूट चुका है।




