Iran Govt Statement: ईरान सरकार का बड़ा बयान, युद्धविराम की कोई मांग नहीं की गई, खाड़ी देशों में अलर्ट
ईरान के विदेश मंत्रालय ने 15 मार्च 2026 को एक अहम बयान जारी किया है. ईरान ने साफ तौर पर कहा है कि उन्होंने युद्ध रोकने (ceasefire) के लिए कोई मांग नहीं की है. SaudiNews50 की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान की तरफ से अमेरिका और इस्राइल के साथ चल रहे तनाव को कम करने या बातचीत शुरू करने की कोई पहल नहीं की गई है. इस पूरे सैन्य विवाद का असर खाड़ी देशों में काम करने वाले भारतीय प्रवासियों और भारत में पेट्रोल-डीजल की सप्लाई पर भी सीधे तौर पर देखने को मिल रहा है.
ईरान और अमेरिका के बीच क्या चल रहा है?
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इंटरव्यू में साफ किया है कि वो अमेरिका के साथ किसी भी तरह की बातचीत नहीं करना चाहते हैं. उनका कहना है कि दुश्मन अपनी मर्जी से युद्ध शुरू करके अपनी ही मर्जी से इसे खत्म नहीं कर सकता. वहीं अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भी 15 मार्च को स्पष्ट किया कि वो अभी किसी समझौते के लिए तैयार नहीं हैं. अमेरिका का मानना है कि समझौते की शर्तें अभी उनके लिए सही नहीं हैं. इसके अलावा ईरान के उप विदेश मंत्री ने भी किसी भी तरह के कूटनीतिक ठहराव से पूरी तरह इनकार किया है.
खाड़ी देशों में रह रहे लोगों और उड़ानों पर क्या असर है?
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण सऊदी अरब और बहरीन ने अपने इलाके में कई मिसाइलों को हवा में ही रोक दिया है. UAE सरकार ने भी साफ कर दिया है कि उनकी ज़मीन का इस्तेमाल ईरान पर हमले के लिए नहीं किया जाएगा. इस तनाव की वजह से हवाई यातायात पर भी काफी असर पड़ा है. इलाके के कई एयरस्पेस बंद कर दिए गए हैं. हालांकि Emirates और Etihad जैसी UAE की एयरलाइन्स ने कुछ सुरक्षित रास्तों (Safe Route) के जरिए अपनी चुनिंदा उड़ानों को दोबारा शुरू किया है. जो भी प्रवासी भारतीय Gulf देशों में सफर करने वाले हैं, उन्हें अपनी फ्लाइट का स्टेटस एयरलाइन की वेबसाइट पर चेक करते रहना चाहिए.
भारत में पेट्रोल और डीजल को लेकर क्या है नई एडवाइजरी?
ईरान की तरफ से होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को पूरी तरह से बंद रखा गया है, जिससे कमर्शियल तेल के जहाजों की आवाजाही रुक गई है. इस स्थिति को देखते हुए भारत सरकार ने कुछ अहम निर्देश जारी किए हैं:
- पेट्रोलियम मंत्रालय ने आम लोगों से अपील की है कि वो पैनिक होकर पेट्रोल, डीजल या LPG गैस की ज्यादा खरीदारी या जमाखोरी न करें.
- देश की सभी रिफाइनरियों को पूरी क्षमता में काम करने का आदेश दिया गया है ताकि तेल की कोई कमी न हो.
- मिडिल ईस्ट के तनाव के कारण तेल की सप्लाई में आने वाली किसी भी रुकावट से निपटने के लिए कच्चा तेल का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखने को कहा गया है.




