ईरान के पूर्व आईआरजीसी (IRGC) कमांडर मोहसेन रेजाई ने दावा किया है कि अब अमेरिका कभी भी अपने पुराने दौर में वापस नहीं लौट पाएगा। उन्होंने कहा कि ईरान पर अमेरिका और इसराइल के हमलों की वजह से मध्य पूर्व (Middle East) में अमेरिका का दबदबा बेहद कमजोर हुआ है। ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी तस्नीम से बात करते हुए उन्होंने यह बयान दिया, जिसके बाद खाड़ी देशों में हलचल तेज हो गई है।

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ईरान के पूर्व कमांडर मोहसेन रेजाई ने क्या बयान दिया है?

ईरान के सुप्रीम लीडर मुजतबा खमेनेई के सैन्य सलाहकार और पूर्व कमांडर मोहसेन रेजाई ने कहा कि अमेरिका-इसराइल की नीतियों के कारण अब अमेरिका का मध्य पूर्व में पतन हो रहा है। उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के बारे में बात करते हुए कहा कि इसका प्रबंधन करना ईरान का कानूनी अधिकार है। उनके अनुसार, इस कदम से फारस की खाड़ी में पिछले 50 वर्षों से चली आ रही असुरक्षा का अंत हो गया है। हाल ही में ईरान की नौसेना ने बताया कि पिछले 24 घंटों में ईरान की मंजूरी के बाद 33 जहाजों ने इस जलमार्ग को पार किया है।

ओमान और पाकिस्तान की मध्यस्थता में चल रही है बातचीत

इस पूरे तनाव के बीच अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत के रास्ते भी तलाशे जा रहे हैं। ओमान और पाकिस्तान दोनों देशों के बीच मध्यस्थता कर रहे हैं। इस बातचीत का मुख्य उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से पूरी तरह खोलना और ईरान के परमाणु कार्यक्रम का समाधान निकालना है। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि ईरान अपने समृद्ध यूरेनियम के भंडार को छोड़ने के लिए तैयार हो सकता है, लेकिन ईरान के अधिकारियों ने अभी तक किसी भी अंतिम समझौते की पुष्टि नहीं की है। दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी कहा है कि वह शांतिपूर्ण समाधान चाहते हैं और जल्द ही एक परमाणु समझौता हो सकता है।

आखिर क्या है इस पूरे संघर्ष का इतिहास?

यह पूरा विवाद 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ था जब अमेरिका और इसराइल ने ईरान के सैन्य ठिकानों और परमाणु स्थलों पर हमले किए थे। इन हमलों में ईरान के तत्कालीन सुप्रीम लीडर अली खमेनेई की मौत हो गई थी, जिसके बाद उनके बेटे मुजतबा खमेनेई नए सुप्रीम लीडर बने। इसके जवाब में ईरान ने भी इसराइल और अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले किए थे। हालांकि अप्रैल में कुछ समय के लिए संघर्ष विराम हुआ था, लेकिन क्षेत्र में स्थिति अभी भी तनावपूर्ण बनी हुई है और तेल के वैश्विक बाजार पर भी इसका गहरा असर पड़ रहा है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या अमेरिका और ईरान के बीच कोई समझौता होने वाला है?

ओमान और पाकिस्तान की मदद से दोनों देशों के बीच बातचीत चल रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने भी परमाणु समझौते की उम्मीद जताई है, लेकिन ईरान की तरफ से अंतिम समझौते पर कोई आधिकारिक मुहर नहीं लगी है।

होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) क्यों महत्वपूर्ण है?

यह दुनिया का एक प्रमुख तेल व्यापार मार्ग है। ईरान का दावा है कि इसका प्रबंधन उसका कानूनी अधिकार है और हाल ही में ईरान की अनुमति के बाद ही 33 जहाजों को यहाँ से गुजरने दिया गया।