सऊदी अरब में हज यात्रियों की सुविधा और उन्हें भीषण गर्मी से बचाने के लिए मक्का के पवित्र स्थलों पर बड़े पैमाने पर बदलाव किए गए हैं। किदाना डेवलपमेंट कंपनी (Kidana Development Company) ने यहां हरियाली, छांव और कूलिंग से जुड़े 25 से अधिक विकास प्रोजेक्ट्स को पूरा किया है। इस बार अराफात, मीना और मुजदलिफा में पानी की बौछार करने वाले आधुनिक पंखे, पेड़ और छायादार शेड लगाए गए हैं, जिससे यात्रियों को बहुत राहत मिलेगी।

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गर्मी से बचाने के लिए अराफात और मीना में क्या हैं इंतजाम?

मक्का के पवित्र स्थलों पर तापमान को नियंत्रित रखने के लिए व्यापक स्तर पर काम हुआ है। माउंट अराफात (Jabal Al-Rahmah) के पास कूलिंग और शेडिंग प्रोजेक्ट अब 3,92,000 वर्ग मीटर से अधिक एरिया को कवर करता है। वहीं, मीना में पैदल चलने वाले रास्तों पर 1,03,000 वर्ग मीटर से अधिक एरिया में शेड लगाए गए हैं ताकि यात्रियों को सीधी धूप से बचाया जा सके।

  • मिस्टिंग पोल्स: फील्ड कूलिंग सिस्टम को मजबूत करने के लिए 5 मुख्य स्टेशनों पर 6,000 से अधिक मिस्टिंग पोल्स (पानी की बौछार करने वाले खंभे) लगाए गए हैं, जो हर घंटे 1,500 क्यूबिक मीटर पानी छिड़क सकते हैं।
  • पीने का पानी: यात्रियों की सुविधा के लिए क्षेत्र में 25,000 से अधिक पीने के पानी के नल लगाए गए हैं।
  • रबर फ्लोरिंग: पैदल चलने वाले रास्तों को आरामदायक बनाने के लिए 1,50000 वर्ग मीटर से अधिक एरिया में खास रबर फ्लोरिंग की गई है।

यात्रियों के रहने की जगह में 300% की बढ़ोतरी और अन्य सुविधाएं

किदाना कंपनी ने सऊदी हज और उमराह मंत्रालय के साथ मिलकर यात्रियों के रहने की क्षमता को बढ़ाया है। अब प्रति यात्री मिलने वाली जगह को 1.2 वर्ग मीटर से बढ़ाकर 4.5 वर्ग मीटर कर दिया गया है, जो कि लगभग 300% की बड़ी बढ़ोतरी है। इससे लगभग 2,09,000 तीर्थयात्रियों को रुकने में आसानी होगी।

इसके अलावा, मीना में शौचालयों की संख्या बढ़ाई गई है। अब यहां 79 दो-मंजिला कॉम्प्लेक्स हैं जिनमें 7,838 शौचालय शामिल हैं। पूरे पवित्र स्थलों में कुल शौचालयों की संख्या 1,15,000 से अधिक हो गई है, जिससे यात्रियों के प्रतीक्षा समय (waiting time) में 75% की कमी आई है। यात्रियों की आवाजाही को आसान बनाने के लिए स्वचालित सीढ़ियों (escalators) की कुल संख्या भी बढ़ाकर 74 कर दी गई है।

60,000 से ज्यादा पेड़ लगाकर तापमान कम करने की कोशिश

पर्यावरण को बेहतर बनाने के लिए इस बार पवित्र स्थलों पर 60,000 से अधिक पेड़ लगाए गए हैं, जिससे हरित क्षेत्र पिछले साल के मुकाबले तीन गुना बढ़ गया है। हज्ज और उमराह विशेषज्ञों के अनुसार, यह हरियाली तापमान को कम करने और गर्म मौसम में राहत देने में बहुत मददगार साबित होगी। यह पूरी योजना सऊदी विजन 2030 और सऊदी ग्रीन इनिशिएटिव के तहत चलाई जा रही है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

किदाना डेवलपमेंट कंपनी ने हज यात्रियों के लिए क्या खास इंतजाम किए हैं?

कंपनी ने गर्मी से बचाने के लिए अराफात और मीना में 25 से अधिक प्रोजेक्ट पूरे किए हैं, जिसमें 6,000 से अधिक मिस्टिंग पोल्स, 25,000 पीने के पानी के नल और 60,000 से अधिक पेड़ लगाना शामिल है।

इस बार हज यात्रियों के ठहरने की जगह में क्या बदलाव हुआ है?

यात्रियों के रहने की जगह को प्रति व्यक्ति 1.2 वर्ग मीटर से बढ़ाकर 4.5 वर्ग मीटर कर दिया गया है, जो कि लगभग 300% की बढ़त है। इससे यात्रियों को भीड़भाड़ से राहत मिलेगी।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.