ईरान के सैन्य ढांचे को एक और बड़ा झटका लगा है। खबरों के मुताबिक, ईरानी सेना के सलाहकार ब्रिगेडियर जनरल Jamshid Ishaqi और उनका परिवार अमेरिकी-इजरायली हवाई हमले में मारे गए हैं। यह घटना मार्च 2026 के आखिरी दिनों की बताई जा रही है। जमशेद इशाकी न केवल एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी थे, बल्कि वे ईरान के सैन्य बजट और वित्त विभाग के प्रमुख के रूप में भी काम कर रहे थे। सऊदी न्यूज ने इस खबर की पुष्टि करते हुए इसे एक बड़ी सैन्य कार्रवाई बताया है।

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कौन थे ब्रिगेडियर जनरल जमशेद इशाकी और क्या थी उनकी भूमिका?

Jamshid Ishaqi ईरान की सेना और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के एक बेहद प्रभावशाली अधिकारी थे। वे सशस्त्र बल जनरल स्टाफ के बजट और वित्त कार्यालय के प्रमुख के रूप में तैनात थे। उनका मुख्य काम सैन्य परियोजनाओं के लिए फंड का इंतजाम करना और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के बावजूद तेल संसाधनों का उपयोग करके सेना की आर्थिक जरूरतों को पूरा करना था। उन्हें ईरानी सेना के वित्तीय प्रबंधन की रीढ़ माना जाता था और उनकी मौत से ईरान के आर्थिक और सैन्य समन्वय को काफी नुकसान पहुंच सकता है।

हमले और अब तक की रिपोर्ट में क्या जानकारी मिली है?

सऊदी न्यूज (@SaudiNews50) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, जमशेद इशाकी और उनके परिवार के सदस्य इस अमेरिकी-इजरायली हमले में खत्म हो गए हैं। हालांकि, अलग-अलग स्रोतों से मिली जानकारी में जनरल की मौत की बात तो पक्की है, लेकिन परिवार के सदस्यों को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। इलाके में पिछले कुछ हफ्तों से सैन्य अभियान काफी तेज हो गए हैं।

  • घटना का समय: 28 मार्च से 31 मार्च 2026 के बीच।
  • हमले का प्रकार: अमेरिकी और इजरायली वायु सेना द्वारा हवाई स्ट्राइक।
  • नुकसान: जनरल इशाकी के साथ कई महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों और उपकरणों के तबाह होने की खबर है।
  • अन्य मौतें: मार्च के महीने में ही एक अन्य जनरल मोहम्मद हुसैन शदकामी के भी मारे जाने की रिपोर्ट आई थी।

ईरान और अंतरराष्ट्रीय समुदाय का इस पर क्या रुख है?

ईरान ने इन हमलों की कड़ी निंदा की है और इसे अपनी संप्रभुता का उल्लंघन बताया है। ईरान ने साफ कर दिया है कि वह इन हमलों का बदला ले सकता है। ईरान की ओर से कहा गया है कि जब तक सैन्य हमले पूरी तरह बंद नहीं होते और उन्हें सुरक्षा की गारंटी नहीं मिलती, तब तक वे झुकेंगे नहीं। दूसरी ओर, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई संगठन इस संघर्ष को तुरंत रोकने की अपील कर रहे हैं ताकि आम लोगों और परिवारों को नुकसान न पहुंचे। अमेरिका ने हालांकि बातचीत के जरिए तनाव कम करने के संकेत दिए हैं, लेकिन सैन्य अभियान फिलहाल थमा नहीं है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.