ईरान सरकार की प्रवक्ता Fatemeh Mohajerani ने मौजूदा युद्ध को लेकर 10 मार्च 2026 को एक बड़ा बयान दिया है. उन्होंने साफ कर दिया है कि ईरान किसी भी तरह की मध्यस्थता या बातचीत के लिए तभी तैयार होगा जब उनकी कुछ खास शर्तें मानी जाएंगी. सिर्फ एक अस्थायी सीजफायर से काम नहीं चलेगा, बल्कि हमलों पर पूरी तरह रोक लगनी चाहिए और आगे ऐसा ना होने की पक्की गारंटी मिलनी चाहिए.

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ईरान की तीन मुख्य शर्तें क्या हैं?

ईरान सरकार ने कूटनीतिक बातचीत के लिए तीन बहुत ही स्पष्ट नियम तय कर दिए हैं. प्रवक्ता के अनुसार, देश की जनता सुरक्षा की पक्की गारंटी चाहती है.

  • सीजफायर: तुरंत सभी तरह की सैन्य कार्रवाई को रोका जाए.
  • हमलों पर पूरी रोक: मिलिट्री स्ट्राइक पूरी तरह से बंद होनी चाहिए.
  • भविष्य की गारंटी: पक्की गारंटी दी जाए कि इस तरह के हमले भविष्य में दोबारा नहीं दोहराए जाएंगे.

प्रवक्ता ने यह भी साफ किया कि ईरान ने यह युद्ध शुरू नहीं किया था, लेकिन वह इसे खत्म जरूर करेगा. उनका कहना है कि पुराने समझौतों के फेल होने के कारण ईरान अब सिर्फ वादों पर भरोसा नहीं करेगा, उसे पक्की गारंटी चाहिए.

किन देशों की मध्यस्थता को किया खारिज?

रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीन, फ्रांस और रूस जैसे देश इस समय सीजफायर को लेकर तेहरान से संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं. लेकिन ईरान के विदेश मंत्रालय ने साफ कहा है कि जब तक उनके क्षेत्र पर हमले हो रहे हैं, तब तक ऐसी कोई भी बातचीत बेमानी है.

ईरान ने इसे मजबूरी का युद्ध बताया है. मिली जानकारी के अनुसार, IRGC ने अपने ऑपरेशन का 33वां चरण शुरू कर दिया है. इससे यह साफ है कि जब तक ईरान की शर्तें नहीं मानी जाती, तब तक मिलिट्री एक्शन जारी रहेगा.

अल जज़ीरा के अनुसार, ईरान का सीधा कहना है कि हमलों के बीच कोई भी बातचीत नहीं होगी. जब तक हमले पूरी तरह नहीं रुकते, ईरान नेगोशिएशन टेबल पर वापस नहीं लौटेगा.

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.