ईरान के होर्मुज से सुरक्षित निकला 54 हजार टन LPG लेकर भारतीय जहाज, आम लोगों के लिए राहत की खबर
भारत के लिए एक बहुत ही राहत की खबर है। ईरान के होर्मुज जलडमरूमध्य में पिछले दो हफ्ते से फंसा भारतीय LPG जहाज ‘MT Shivalik’ शुक्रवार, 13 मार्च 2026 की रात को सुरक्षित बाहर निकल गया है। यह जहाज 28 फरवरी से वहां चल रहे तनाव के कारण रुका हुआ था। अब यह जहाज 54 हजार टन LPG गैस लेकर भारत के तट की ओर बढ़ रहा है जिससे देश के आम लोगों को गैस की किल्लत का सामना नहीं करना पड़ेगा।
कैसे मिली इस जहाज को सुरक्षित निकलने की मंजूरी
इस सफलता के पीछे भारत और ईरान सरकार के बीच हुई कूटनीतिक बातचीत है। 12 मार्च को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के बीच फोन पर विस्तार से चर्चा हुई थी। इसके अलावा विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी अपने ईरानी समकक्ष से लगातार संपर्क बनाए रखा।
ईरान के राजदूत मोहम्मद फतहअली ने साफ किया कि दोनों देशों के अच्छे और दोस्ताना संबंधों के कारण भारतीय जहाजों को सुरक्षित रास्ता (safe passage) दिया गया है। ‘MT Shivalik’ के बाद अब एक और भारतीय जहाज ‘MT Nanda Devi’ भी कुछ ही घंटों में वहां से निकलने वाला है। इसके अलावा MT Pushpak और MT Parimal जैसे अन्य जहाज भी इसी रास्ते से आगे बढ़ रहे हैं।
भारत में गैस की सप्लाई पर क्या होगा असर
इस जहाज में लगभग 40 हजार से 54 हजार मीट्रिक टन LPG मौजूद है। यह मात्रा भारत की एक दिन की कुल गैस जरूरत को पूरा करने के लिए काफी है। पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने जानकारी दी है कि देश में गैस की कोई कमी नहीं है और डिस्ट्रीब्यूटर्स के पास गैस उपलब्ध है।
सरकार ने घरेलू सप्लाई को प्राथमिकता पर रखा है ताकि आम आदमी के लिए रसोई गैस के दाम न बढ़ें। अधिकारियों ने आम जनता से अपील की है कि वे डर कर एक साथ गैस की बुकिंग न करें क्योंकि देश में LPG का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। वहीं शिपिंग मंत्रालय भी इस क्षेत्र में मौजूद सभी 28 भारतीय जहाजों पर नजर बनाए हुए है।
| मुख्य जहाज | MT Shivalik (LPG Carrier) |
|---|---|
| निकलने की तारीख | 13 मार्च 2026 (शुक्रवार रात) |
| गैस की मात्रा | लगभग 54,000 टन LPG |
| अगला जहाज | MT Nanda Devi |




