ईरान के परमाणु ऊर्जा प्रमुख मोहम्मद एस्लामी ने अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) को एक कड़ा पत्र लिखकर अपनी चिंता जाहिर की है। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र की इस संस्था पर आरोप लगाया है कि वह ईरान के परमाणु ठिकानों पर हो रहे हमलों को लेकर कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। एस्लामी के मुताबिक, एजेंसी की इसी सुस्ती की वजह से हमलावरों के हौसले बढ़ रहे हैं और अब बुशहर जैसे संवेदनशील बिजली घरों पर सीधा खतरा मंडरा रहा है।

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बुशहर परमाणु प्लांट पर हुए हालिया हमले में क्या नुकसान हुआ?

ईरान की ओर से 6 अप्रैल 2026 को जारी जानकारी के मुताबिक, 4 अप्रैल को बुशहर प्लांट के पास एक हमला हुआ था। मोहम्मद एस्लामी ने पत्र में बताया कि इस हमले में सुरक्षा विभाग का एक कर्मचारी मारा गया और कई अन्य लोग घायल हुए हैं। बुशहर ईरान का एकमात्र परमाणु बिजली घर है जो अभी चालू हालत में है। ईरान का कहना है कि इस प्लांट को अब तक चार बार निशाना बनाने की कोशिश की गई है, जो बेहद चिंताजनक बात है।

ईरान ने अपनी शिकायत में किन मुख्य बातों को उठाया है?

  • ईरान का मानना है कि परमाणु रिएक्टर पर हमले से रेडियोधर्मी कचरा फैल सकता है जिससे लोगों और पर्यावरण को भारी नुकसान होगा।
  • एस्लामी ने चेतावनी दी है कि ऐसे हमलों के नतीजे पड़ोसी देशों के लिए भी बहुत खतरनाक हो सकते हैं।
  • ईरान का आरोप है कि IAEA पर अमेरिका और इसराइल का दबाव है, जिसकी वजह से वह इन हमलों की निंदा नहीं कर रहा है।
  • पत्र में मांग की गई है कि परमाणु एजेंसी को सैन्य हमलों पर अपनी स्थिति साफ़ करनी चाहिए।

परमाणु कार्यक्रम को लेकर ईरान का आगे का क्या रुख है?

मोहम्मद एस्लामी ने स्पष्ट किया है कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह से पारदर्शी है और उनकी परमाणु हथियार बनाने की कोई योजना नहीं है। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ़ कर दिया कि कोई भी देश ईरान से परमाणु संवर्धन का हक नहीं छीन सकता। ईरान ने पहले भी मार्च 2026 में एजेंसी को पत्र लिखकर हमलों की शिकायत की थी, लेकिन तब उनकी बातों पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया था। फिलहाल ईरान अपने परमाणु ठिकानों की सुरक्षा को लेकर काफी सतर्क है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.