अमेरिका के 15-पॉइंट प्लान पर भड़का ईरान, बताया पूरी तरह से गलत, तेल की कीमतों में लगी आग.
ईरान और अमेरिका के बीच चल रही तनातनी अब एक नए मोड़ पर आ गई है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmail Baghaei ने अमेरिका के 15-पॉइंट वाले शांति प्रस्ताव को बेहद महत्वाकांक्षी और अतार्किक बताया है। राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को 6 अप्रैल 2026 तक का समय दिया था, जिसे ईरान ने सिरे से नकार दिया है। इस टकराव की वजह से दुनिया भर में ऊर्जा संकट गहराने का डर पैदा हो गया है और खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है।
अमेरिका के प्रस्ताव में ईरान के लिए क्या मुख्य शर्तें थी?
अमेरिका ने पाकिस्तान के जरिए ईरान तक अपना 15 सूत्रीय प्रस्ताव पहुंचाया था। इस प्लान में ईरान के सामने कई सख्त शर्तें रखी गई थी, जिन्हें मानना ईरान के लिए मुश्किल साबित हो रहा है। प्रमुख शर्तों की जानकारी इस प्रकार है:
- ईरान को अपने मुख्य परमाणु केंद्रों जैसे Natanz और Fordow को पूरी तरह बंद करना होगा।
- यूरेनियम संवर्धन की प्रक्रिया को तुरंत रोककर भंडार को IAEA को सौंपना होगा।
- अपनी बैलिस्टिक मिसाइलों की रेंज और उनकी संख्या को एक तय सीमा में रखना होगा।
- क्षेत्रीय सशस्त्र समूहों को आर्थिक और सैन्य मदद देना बंद करना होगा।
- व्यापार के लिए Strait of Hormuz को दोबारा तुरंत खोलना होगा।
आम आदमी और तेल की कीमतों पर इसका क्या असर पड़ेगा?
ईरान और अमेरिका के इस विवाद का सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ रहा है। Strait of Hormuz के बंद होने और युद्ध की धमकियों के कारण कच्चा तेल यानी Crude Oil की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार चली गई हैं। खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और वहां से यात्रा करने वालों के लिए आने वाले दिनों में मुश्किलें बढ़ सकती हैं। ईंधन महंगा होने से पूरी दुनिया में माल ढुलाई और खाने-पीने की चीजों के दाम भी बढ़ने के आसार हैं।




