ईरान में इंटरनेट की हालत बहुत खराब हो गई है। साइबर सिक्योरिटी मॉनिटरिंग प्लेटफॉर्म नेटब्लॉक्स (NetBlocks) की रिपोर्ट के मुताबिक, वहां पिछले 41 दिनों से इंटरनेट बंद है। यह दुनिया के किसी भी देश में अब तक का सबसे लंबा राष्ट्रव्यापी शटडाउन बन गया है, जिसने सूडान के 36 दिनों के पुराने रिकॉर्ड को भी तोड़ दिया है। आम नागरिक अब पूरी दुनिया से कट चुके हैं।
इंटरनेट क्यों बंद हुआ और लोग कैसे प्रभावित हैं?
ईरान में यह ब्लैकआउट 28 फरवरी, 2026 को अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए हमलों के तुरंत बाद शुरू हुआ था। सरकार ने आम लोगों के लिए ग्लोबल इंटरनेट पूरी तरह बंद कर दिया है। अब नागरिक केवल ‘नेशनल इंफॉर्मेशन नेटवर्क’ (NIN) का इस्तेमाल कर पा रहे हैं, जिसे ‘हलाल इंटरनेट’ भी कहा जाता है। इसमें सिर्फ सरकार द्वारा मंजूर किए गए ऐप्स और वेबसाइट ही चलती हैं।
- सीमित एक्सेस: केवल सरकारी अधिकारियों और खास लोगों को ही बाहरी दुनिया तक जानकारी पहुंचाने के लिए इंटरनेट दिया गया है।
- VPN पर पाबंदी: अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि वीपीएन (VPN) इस्तेमाल करने वालों को गिरफ्तार किया जा सकता है या जेल भेजा जा सकता है।
- स्टारलिंक की कोशिश: एलोन मस्क की स्टारलिंक सेवा ने इंटरनेट पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन सरकार ने इसके उपकरण जब्त कर लिए और इसे ‘वैध लक्ष्य’ घोषित कर दिया।
अर्थव्यवस्था पर असर और ताजा स्थिति क्या है?
इंटरनेट बंद होने से ईरान की अर्थव्यवस्था को भारी चोट पहुंची है। ईरान के संचार मंत्री सत्तार हाशमी ने खुद माना है कि इस शटडाउन की वजह से देश को हर दिन 35.7 मिलियन डॉलर का नुकसान हो रहा है। ऑनलाइन सामान की बिक्री में भी 80% की बड़ी गिरावट आई है।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| कुल अवधि | 41 दिन (960 घंटे से ज्यादा) |
| शुरुआत की तारीख | 28 फरवरी, 2026 |
| दैनिक आर्थिक नुकसान | 35.7 मिलियन डॉलर |
| पिछला रिकॉर्ड | सूडान (36 दिन) |
ताजा जानकारी के मुताबिक, ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने कहा है कि ईरान युद्ध नहीं चाहता, लेकिन अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा जरूर करेगा। तनाव कम करने के लिए अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत के लिए 10 अप्रैल को इस्लामाबाद पहुंचने की उम्मीद है।