संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने ईरान की तरफ से होने वाले हमलों को लेकर अपनी स्थिति साफ कर दी है। राष्ट्रपति के कूटनीतिक सलाहकार Anwar Gargash ने कहा है कि अब दिखावे की कूटनीति का समय खत्म हो चुका है और देश अपनी सुरक्षा के लिए कड़े फैसले लेगा। हाल के हफ्तों में UAE ने सैंकड़ों ड्रोन और मिसाइलों को नाकाम किया है, जिससे यह साफ है कि देश की रक्षा प्रणाली पूरी तरह से सक्रिय है। भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए राहत की बात यह है कि देश की सुरक्षा और स्थिरता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।

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हमलों का ताजा डेटा और सुरक्षा के कड़े इंतजाम

UAE रक्षा मंत्रालय के अनुसार 9 अप्रैल 2026 को कोई भी नया हमला दर्ज नहीं किया गया। हालांकि 8 अप्रैल को अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम लागू होने के बाद से अब तक UAE ने 17 बैलिस्टिक मिसाइलें और 35 ड्रोन मार गिराए हैं। हमलों के शुरू होने से लेकर अब तक की स्थिति नीचे दी गई है:

हथियार का प्रकार कुल इंटरसेप्ट किए गए
Ballistic Missiles 537
Cruise Missiles 26
Drones 2256

Anwar Gargash ने बताया कि UAE ने उस जंग में जीत हासिल की है जिससे वह बचना चाहता था। उन्होंने साफ किया कि यूएई की सेनाएं किसी भी खतरे का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

विदेश नीति और रिश्तों की नए सिरे से समीक्षा

UAE सरकार अब अपने अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय संबंधों को लेकर और ज्यादा सतर्क होने जा रही है। Anwar Gargash के मुताबिक अब उन देशों की पहचान की जाएगी जिन पर वाकई में भरोसा किया जा सकता है। युद्धविराम को लेकर अभी भी कुछ अनिश्चितताएं बनी हुई हैं, खास तौर पर Strait of Hormuz को बिना शर्त खोलने और नियमों के पालन को लेकर स्पष्टीकरण मांगा गया है।

  • UAE अपनी रक्षा क्षमताओं को और ज्यादा मजबूत करने पर निवेश करेगा।
  • क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए अब एक सामूहिक और स्पष्ट स्टैंड लिया जाएगा।
  • पाकिस्तान ने इस पूरे मामले में मध्यस्थ की भूमिका निभाई है।
  • बहरीन ने भी हाल ही में ईरानी ड्रोन को मार गिराने की पुष्टि की है।

यह बयान साफ करता है कि आने वाले समय में UAE की विदेश नीति में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों के लिए सुरक्षा व्यवस्था को और भी चाक-चौबंद किया जा रहा है ताकि व्यापार और सामान्य जीवन पर कोई असर न पड़े।