ईरान में 22 दिनों से इंटरनेट पूरी तरह ठप, विदेशी मंत्री ने पाबंदी को सुरक्षा के लिए जरूरी बताया
ईरान में इंटरनेट का संकट लगातार गहराता जा रहा है और 22 मार्च 2026 तक देश में इंटरनेट बंद हुए पूरे 22 दिन बीत चुके हैं। अंतरराष्ट्रीय इंटरनेट मॉनिटरिंग ग्रुप NetBlocks के अनुसार यह पाबंदी 528 घंटों से ज्यादा समय से लागू है। देश के कई हिस्सों में इंटरनेट कनेक्टिविटी सामान्य के मुकाबले महज 1% से 4% के बीच सिमट गई है। इस स्थिति ने ईरान के नागरिकों को डिजिटल दुनिया से पूरी तरह अलग कर दिया है।
ईरान सरकार ने इंटरनेट बंद करने पर क्या कहा?
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इस ब्लैकआउट को एक सोची-समझी सुरक्षा रणनीति बताया है। उन्होंने कहा कि देश इस समय बाहरी खतरों और हमले की स्थिति में है, इसलिए इंटरनेट को बंद करना युद्ध के समय उठाए जाने वाले कदमों जैसा है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा कारणों से इंटरनेट पर यह पाबंदी लगाना उनके लिए अनिवार्य था। वहीं सरकारी प्रवक्ता फातिमा मोहजेरानी ने स्वीकार किया कि शासन कुछ चुनिंदा लोगों को अनफ़िल्टर्ड इंटरनेट की सुविधा दे रहा है ताकि वे सरकार की बात आगे पहुंचा सकें।
पाबंदी के बीच आम जनता पर क्या असर पड़ा?
इंटरनेट बंद होने से ईरान के आम नागरिकों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। लोग दुनिया से जुड़ने के लिए स्टारलिंक जैसे सैटेलाइट इंटरनेट और वीपीएन का सहारा ले रहे हैं, लेकिन अधिकारियों ने इन टूल्स पर भी निगरानी बढ़ा दी है। मानवाधिकार संगठनों ने इस कदम की आलोचना करते हुए कहा कि इससे अभिव्यक्ति की आजादी और सूचना तक पहुंच के अधिकार का उल्लंघन हो रहा है। नेटब्लॉक्स की रिपोर्ट बताती है कि 19 मार्च को कुछ समय के लिए इंटरनेट बहाल हुआ था लेकिन वह केवल एक तकनीकी सुधार के दौरान हुई चूक थी।
| मुख्य जानकारी | विवरण |
|---|---|
| पाबंदी की शुरुआत | 28 फरवरी 2026 |
| कुल समय | 22 दिन (528 घंटे से अधिक) |
| कनेक्टिविटी लेवल | 1% से 4% के बीच |
| विशेष सुविधा | व्हाइट सिम कार्ड (चुनिंदा लोगों के लिए) |





