IRGC New Warning: सऊदी अरब, यूएई और कतर के तेल ठिकानों से दूर रहें लोग, ईरान का बड़ा फरमान
18 मार्च 2026 को ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने एक बहुत जरूरी चेतावनी जारी की है। इसमें सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और कतर के नागरिकों और वहां रहने वाले प्रवासियों को तेल और गैस ठिकानों से तुरंत दूर जाने को कहा गया है। ईरान ने इन ठिकानों को हमले के लिए सीधा और जायज निशाना बताया है। यह चेतावनी ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड पर हुए अमेरिकी और इजरायली हमलों के जवाब में दी गई है।
किन खास ठिकानों को खाली करने का आदेश दिया गया है?
ईरानी सेना ने कुछ विशिष्ट तेल और गैस केंद्रों के नाम लिए हैं और वहां काम करने वाले कर्मचारियों और आम नागरिकों को तुरंत सुरक्षित दूरी बनाने की सलाह दी है। इन जगहों पर काम करने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए यह जानकारी बहुत जरूरी है क्योंकि स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।
| देश | प्रभावित होने वाले मुख्य ठिकाने |
|---|---|
| सऊदी अरब | SAMREF रिफाइनरी, अल जुबैल पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स |
| UAE | अल होसन (Al Hosn) गैस फील्ड |
| कतर | मेसाईद (Mesaieed) पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स, रास लफान रिफाइनरी |
क्षेत्र में बढ़ते तनाव का क्या कारण है?
ईरान का दावा है कि इजरायल और अमेरिका ने उसके साउथ पार्स गैस फील्ड पर हमला किया है जो दुनिया का सबसे बड़ा गैस क्षेत्र है। इस हमले के बाद ईरान की नौसेना ने साफ कर दिया है कि अमेरिका से जुड़े तेल ठिकाने अब उनके निशाने पर हैं। कतर ने भी इस हमले की निंदा की है और इसे वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बताया है।
सऊदी अरब ने भी रियाद की तरफ आने वाली मिसाइलों और गैस ठिकानों के पास आने वाले ड्रोन को मार गिराने की सूचना दी है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने इस हमले के गंभीर नतीजे भुगतने की बात कही है। इस तनावपूर्ण माहौल के कारण खाड़ी देशों में काम करने वाले लाखों प्रवासियों के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।




