ईरान ने ठुकराया संघर्ष विराम का प्रस्ताव, तेहरान के पास हमले में 13 की मौत, ट्रंप ने दी बड़ी चेतावनी.
ईरान और इज़राइल के बीच चल रहा तनाव अब एक खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। एक तरफ सोशल मीडिया पर तेहरान में जश्न के वीडियो सामने आए, वहीं दूसरी तरफ सरकारी स्तर पर ईरान ने नए संघर्ष विराम प्रस्ताव को पूरी तरह खारिज कर दिया है। ताजा हमलों में आम नागरिकों की जान गई है और अमेरिका ने ईरान को सख्त अल्टीमेटम जारी किया है। खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों के लिए यह स्थिति चिंताजनक बनी हुई है क्योंकि इससे तेल की कीमतों और क्षेत्र की सुरक्षा पर सीधा असर पड़ सकता है।
ईरान ने संघर्ष विराम को लेकर क्या मांग रखी है?
ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA के मुताबिक तेहरान ने मौजूदा शांति प्रस्ताव को मानने से इनकार कर दिया है। ईरान का कहना है कि वह युद्ध का स्थायी अंत चाहता है और उसे भविष्य में होने वाले हमलों के खिलाफ पक्की गारंटी चाहिए। ईरान ने इस संबंध में अपनी 10-सूत्रीय योजना पेश की है जिसके मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
- ईरान पर लगे आर्थिक प्रतिबंधों में ढील दी जाए।
- परमाणु अप्रसार संधि के तहत ईरान के अधिकारों का समर्थन हो।
- होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान के अधिकार क्षेत्र को मान्यता मिले।
- युद्ध से हुए आर्थिक नुकसान के लिए मुआवजे का भुगतान किया जाए।
इज़रायली हमले और अमेरिकी चेतावनी के बाद क्या हैं हालात?
ताजा रिपोर्ट के अनुसार इज़राइल ने ईरान के साउथ पार्स प्राकृतिक गैस क्षेत्र में एक बड़े पेट्रोकेमिकल संयंत्र को निशाना बनाया है। इस हमले में रिवोल्यूशनरी गार्ड के दो कमांडरों की मौत की पुष्टि हुई है। वहीं तेहरान के पास इस्लामशहर में हुए एक हवाई हमले में कम से कम 13 नागरिकों की जान चली गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि ईरान को एक रात में खत्म किया जा सकता है। उन्होंने 7 अप्रैल की शाम तक की समय सीमा तय की थी और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की चेतावनी दी है।
| प्रमुख घटना | विवरण |
|---|---|
| नागरिक मौतें | इस्लामशहर के पास हमले में 13 लोगों की जान गई |
| इज़रायली हमला | साउथ पार्स गैस क्षेत्र के पेट्रोकेमिकल प्लांट पर हमला |
| ट्रंप का अल्टीमेटम | 7 अप्रैल की शाम 7 बजे तक की समय सीमा दी |
| मध्यस्थ देश | पाकिस्तान, मिस्र और तुर्की शांति के लिए कर रहे प्रयास |




