ईरान और इजरायल के बीच चल रहा तनाव अब और भी ज्यादा गंभीर हो गया है. 15 मार्च 2026 को ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को जान से मारने की खुली धमकी दी है. ईरान ने इसे ‘ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4’ का हिस्सा बताया है. इस बीच ईरान ने कुवैत और इराक में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर भी मिसाइल और ड्रोन से हमले किए हैं. इस बिगड़ते माहौल का सीधा असर खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों पर भी पड़ा है.

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ईरान की धमकी और इजरायल का आधिकारिक बयान

ईरान की सैन्य एजेंसी IRGC ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर बयान जारी कर कहा है कि वह नेतन्याहू को खोज कर मारेंगे. ईरान ने यह कदम अपने औद्योगिक क्षेत्रों में मारे गए मजदूरों की मौत के बदले के रूप में उठाया है. ईरान ने तेल अवीव के साथ-साथ इराक के अल-हरीर एयर बेस और कुवैत के अली अल सलेम एयर बेस व कैंप आरिफजान पर भारी मिसाइल और ड्रोन दागे हैं. ईरान का मानना है कि इजरायली पीएम या तो मारे गए हैं या भाग गए हैं, लेकिन अगर वह जिंदा हैं तो ईरान अपनी तलाश जारी रखेगा.

वहीं दूसरी तरफ, इजरायल के प्रधानमंत्री कार्यालय ने इन सभी दावों को पूरी तरह से फर्जी बताया है. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे नेतन्याहू के एक AI वीडियो के बाद उनकी मौत या खराब स्वास्थ्य की अफवाह फैली थी. इजरायल ने साफ किया है कि प्रधानमंत्री बिल्कुल सुरक्षित हैं और अपना काम कर रहे हैं.

गल्फ देशों के हालात और भारतीयों पर असर

इस युद्ध का असर अब गल्फ देशों पर भी दिखने लगा है. ओमान की मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कुवैत के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और ईंधन भंडारण केंद्रों पर कई ड्रोन हमले देखे गए हैं. इसके अलावा अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खार्ग द्वीप तेल निर्यात केंद्र पर हमले की चेतावनी दी है और अपने सहयोगियों से होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित करने को कहा है.

खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय प्रवासियों के लिए सबसे बड़ी खबर शिक्षा से जुड़ी है. सुरक्षा कारणों को देखते हुए गल्फ और मिडिल ईस्ट में होने वाली भारतीय CBSE कक्षा 12 की सभी परीक्षाएं फिलहाल रद्द कर दी गई हैं. यह खबर उन भारतीय परिवारों के लिए महत्वपूर्ण है जिनके बच्चे गल्फ में रहकर पढ़ाई कर रहे हैं. इसके अलावा ओमान और अन्य गल्फ देशों में विमानन और स्थानीय सुरक्षा को लेकर भी अलर्ट जारी किए गए हैं.