ईरान ने इजरायल और खाड़ी देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर दागी मिसाइलें, कुवैत और बहरीन में भी अलर्ट
ईरान और हिजबुल्लाह ने 24 और 25 मार्च 2026 को इजरायल पर हमलों की झड़ी लगा दी है। ईरान के Revolutionary Guards ने आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि उन्होंने न केवल इजरायल बल्कि कुवैत, जॉर्डन और बहरीन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को भी अपनी मिसाइलों से निशाना बनाया है। इन हमलों के लिए सटीक निशाना लगाने वाली लिक्विड और सॉलिड फ्यूल मिसाइलों के साथ-साथ हमलावर ड्रोनों का इस्तेमाल किया गया है, जिससे पूरे खाड़ी क्षेत्र में हलचल मच गई है।
ईरान और हिजबुल्लाह के हमलों से क्या नुकसान हुआ?
24 मार्च को ईरान ने इजरायल पर मिसाइलों की नौ लहरें दागी थीं, जबकि हिजबुल्लाह ने भी उत्तरी इजरायल और दक्षिणी लेबनान में इजरायली सेना के ठिकानों पर 54 हमले करने का दावा किया है। इन हमलों ने कई शहरों में तबाही मचाई है और आम नागरिकों के लिए खतरा पैदा कर दिया है।
- ईरान ने दावा किया कि कुवैत और बहरीन में अमेरिकी सेना की मेजबानी करने वाले ठिकानों को निशाना बनाया गया है।
- हिजबुल्लाह ने इजरायली बैरक, रडार साइट और सैन्य टुकड़ियों पर ताबड़तोड़ हमला किया।
- इजरायल में एक ईरानी मिसाइल की चपेट में आने से कई लोग घायल हुए हैं।
- इजरायली सीमा के पास रहने वाले लोगों के लिए 1,865 नए शेल्टर (सुरक्षा घर) बनाने की तैयारी शुरू हो गई है।
इजरायल ने जवाबी कार्रवाई में क्या कदम उठाए?
ईरानी हमलों के जवाब में इजरायली वायुसेना ने तेहरान और लेबनान में बड़े पैमाने पर बमबारी की है। इजरायल डिफेंस फोर्सेज (IDF) ने लेबनान में जमीनी अभियान को और तेज करने के संकेत दिए हैं। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने स्पष्ट किया है कि जब तक खतरा टल नहीं जाता, ईरान और लेबनान पर हमले जारी रहेंगे।
| स्थान | कार्रवाई का विवरण |
|---|---|
| Tehran (तेहरान) | नेवल क्रूज मिसाइल बनाने वाली फैक्ट्री को तबाह किया गया। |
| Esfahan (इस्फ़हान) | ईरानी हथियारों के उत्पादन केंद्रों पर हवाई हमले किए गए। |
| South Lebanon | इजरायली हमले में कम से कम 9 लोगों की मौत हुई। |
| Sidon (सिदोन) | एक फिलिस्तीनी शरणार्थी शिविर पर हवाई हमला हुआ। |
शांति की कोशिशें और प्रवासियों पर असर
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस तनाव को कम करने के लिए ईरान को एक शांति प्रस्ताव भेजा है। हालांकि ईरान की संसद के स्पीकर ने किसी भी तरह की बातचीत की खबरों को गलत बताया है। कुवैत और बहरीन जैसे खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय प्रवासियों के लिए यह स्थिति चिंता का विषय बनी हुई है क्योंकि युद्ध का दायरा अब उन देशों तक भी पहुंच रहा है जहां अमेरिकी ठिकाने मौजूद हैं।
ईरान ने कहा है कि वह अब केवल उन तेल जहाजों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने देगा जो उनके प्रति शत्रुतापूर्ण व्यवहार नहीं रखते। इससे अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार और सप्लाई चेन पर बुरा असर पड़ने की आशंका है। इजरायली सेना ने लेबनान में कुद्स फोर्स के एक मुख्य आतंकी मोहम्मद अली कुरानी को मार गिराने का भी दावा किया है, जो कथित तौर पर बड़े आतंकी हमले की साजिश रच रहा था।




