Iran Israel War Update: ईरान ने इस्राइल पर 40 मिनट में दागी ताबड़तोड़ मिसाइलें, कुवैत एयरपोर्ट पर भी हुआ हमला
ईरान और इस्राइल के बीच चल रहा तनाव अब काफी गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। 25 मार्च 2026 को ईरान की सेना ने मात्र 40 मिनट के भीतर इस्राइल पर मिसाइलों की चार बड़ी लहरें भेजीं। इस हमले के बाद इस्राइल के प्रमुख शहरों में सायरन बजने लगे और लाखों लोग अपनी जान बचाने के लिए सुरक्षित शेल्टर की तरफ भागे। ईरान ने साफ किया है कि यह कार्रवाई उसकी ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4 का हिस्सा है।
हमले में किन जगहों को निशाना बनाया गया है?
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने इस हमले में सटीक मार करने वाली मिसाइलों और ड्रोन का इस्तेमाल किया है। हमले का दायरा इस्राइल के साथ-साथ खाड़ी के अन्य देशों तक भी पहुंच गया है।
- इस्राइल के तेल अवीव, यरूशलेम, हाडेरा और ईलात जैसे शहरों में मिसाइलें गिरने का खतरा बना रहा।
- कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एक मिसाइल गिरी जिससे वहां के फ्यूल टैंक को नुकसान हुआ है।
- बहरीन, जॉर्डन और कुवैत में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर भी हमले की खबर मिली है।
- ईरान ने दावा किया है कि उसने उत्तरी सीमा पर तैनात इस्राइली सेना के मुख्य कमांड सेंटर को निशाना बनाया है।
खाड़ी देशों और आम जनता पर क्या असर पड़ा?
इस ताजा हमले से मिडिल ईस्ट में रहने वाले लोगों के बीच डर का माहौल है। कुवैत की एयर डिफेंस प्रणाली ने कई हमलों को हवा में ही नाकाम करने की कोशिश की है। इस युद्ध का असर अब उड़ानों और सामान्य सुरक्षा पर भी पड़ने लगा है।
| प्रभावित क्षेत्र | वर्तमान स्थिति |
|---|---|
| इस्राइल | लाखों लोग शेल्टर में रहे, हालांकि किसी बड़ी जान-माल की हानि की खबर नहीं है। |
| कुवैत | एयरपोर्ट के पास धमाका हुआ, लेकिन किसी की जान जाने की सूचना नहीं मिली। |
| लेबनान | इस्राइली जवाबी कार्रवाई में दक्षिण लेबनान में कम से कम 9 लोगों की मौत हुई। |
| ईरान | इस्राइल ने जवाबी हमला कर तेहरान में एक मिसाइल निर्माण केंद्र को नष्ट किया। |
क्या अब युद्ध रुकने की कोई संभावना है?
क्षेत्र में बढ़ती हिंसा को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कूटनीतिक प्रयास जारी हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने शांति योजना को लेकर कुछ सकारात्मक संकेत दिए हैं। दूसरी तरफ ईरान के सैन्य नेताओं ने फिलहाल किसी भी तरह के समझौते या बातचीत से साफ इनकार कर दिया है। खाड़ी देशों में काम करने वाले प्रवासियों के लिए स्थिति चिंताजनक है क्योंकि हवाई अड्डों और सुरक्षित ठिकानों पर हमलों की खबर से यात्रा सेवाओं पर असर पड़ा है।




