ईरान ने फिर दागी मिसाइलों की नई लहर, इसराइल के साथ कुवैत और UAE में भी हुआ हमला, तेल ठिकानों पर लगी आग.
ईरान और इसराइल के बीच चल रहा तनाव अब खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। 5 अप्रैल 2026 को इसराइली सेना ने ईरान की तरफ से मिसाइलों की एक और बड़ी लहर आने की पुष्टि की है। इस हमले की वजह से पूरे खाड़ी क्षेत्र में हलचल मच गई है और कई देशों में इसका सीधा असर देखने को मिल रहा है। इसराइल के साथ-साथ कुवैत और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में भी मिसाइलों और ड्रोन के कारण आगजनी की घटनाएं सामने आई हैं।
इस हमले में कहां-कहां नुकसान हुआ और क्या है ताज़ा स्थिति?
ईरान ने इस हमले को ‘ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4’ का नाम दिया है और इसमें तेल अवीव, डिमोना और यरूशलेम जैसे शहरों को निशाना बनाया गया है। इसराइली सेना ने बताया है कि उसने ईरान के 120 से ज़्यादा मिसाइल सिस्टम पर जवाबी हमला किया है, लेकिन कुछ मिसाइलें डिमोना के पास गिरने में सफल रहीं। खाड़ी के अन्य देशों में भी हमलों की खबरें इस प्रकार हैं:
- कुवैत: Shuwaikh तेल क्षेत्र परिसर में ड्रोन हमले के बाद भीषण आग लग गई और सरकारी इमारतों को नुकसान पहुंचा है।
- UAE: अबू धाबी में Borouge पेट्रोकेमिकल फैक्ट्री में मिसाइल का मलबा गिरने से आग लग गई।
- बहरीन: Bapco Energies के स्टोरेज सुविधा में ईरानी हमले के बाद आग लगने की खबर मिली है।
- इसराइल: तेल अवीव में हुए हमले में 5 लोग घायल हुए हैं और सड़कों पर खड़ी कारों को नुकसान पहुंचा है।
अमेरिका की चेतावनी और अन्य देशों की भूमिका क्या है?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस स्थिति पर सख्त रुख अपनाया है और ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को खोलने के लिए 48 घंटे का समय दिया है। उधर ईरान ने इस अल्टीमेटम को खारिज करते हुए इसे घबराहट में लिया गया फैसला बताया है। इस युद्ध में ईरान के साथ हिजबुल्लाह और यमन के हूतियों ने भी शामिल होने का दावा किया है।
| पक्ष | मुख्य कार्रवाई |
|---|---|
| इसराइल | ईरान में 120 मिसाइल ठिकानों पर हवाई हमले किए। |
| ईरान | मिसाइलों की 95वीं लहर दागी और अमेरिकी ड्रोन गिराने का दावा किया। |
| अमेरिका | अपने पायलटों को रेस्क्यू किया और ईरान को 48 घंटे की मोहलत दी। |
| हिजबुल्लाह | इसराइली युद्धपोत पर क्रूज मिसाइल से हमला करने का दावा किया। |
खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय प्रवासियों के लिए यह स्थिति चिंताजनक है क्योंकि तेल ठिकानों और औद्योगिक क्षेत्रों पर हमले हो रहे हैं। कुवैत और UAE के प्रशासन अपनी हवाई सुरक्षा प्रणालियों का इस्तेमाल कर रहे हैं ताकि इन हमलों को रोका जा सके। फिलहाल इन इलाकों में रहने वालों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।




