ईरान ने इज़राइल पर दागी मिसाइलें, एयरपोर्ट के पास हमले में 2 मज़दूरों की जान गई
Al Jazeera के रिपोर्टर Rory Challands की रिपोर्ट के अनुसार मध्य पूर्व में हालात काफी बिगड़ चुके हैं. 10 मार्च 2026 को ईरान ने इज़राइल पर जवाबी हमला करते हुए कई मिसाइलें दागी हैं. इस हमले में दो कंस्ट्रक्शन वर्कर की जान चली गई है और कई अन्य लोग घायल हुए हैं.
ईरान का इज़राइल पर हमला और इसका असर
Magen David Adom के मुताबिक ईरान की मिसाइलें Ben Gurion Airport के करीब Yehud शहर में गिरी हैं जिससे इलाके में काफी नुकसान हुआ है.
- Yehud शहर में काम कर रहे दो कंस्ट्रक्शन वर्कर की मौत हो गई और दो लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं.
- Bat Yam और यरूशलम के उत्तरी इलाकों में भी ईरान की तरफ से दागे गए क्लस्टर मुनिशंस गिरे हैं.
- यह हमला ईरान के ‘Operation True Promise-4’ का हिस्सा है, जिसमें Ghadr और Khorramshahr जैसी लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया है.
इज़राइल और अमेरिका का पलटवार
ईरान के हमले के बाद इज़राइल और US की सेना ने मिलकर ‘Operation Roaring Lion’ की शुरुआत कर दी है और ईरान पर पलटवार किया है.
- इस ऑपरेशन के तहत तेहरान, इस्फहान और दक्षिणी ईरान में IRGC के ड्रोन हेडक्वार्टर पर बड़े पैमाने पर एयर स्ट्राइक किए गए हैं.
- तेहरान में एक ऑयल डिपो को भी निशाना बनाया गया है, जिसका इस्तेमाल मिसाइल लॉन्च के लिए किया जाता था.
- इज़राइली सेना के प्रवक्ता Effie Defrin ने बताया कि उन्होंने ईरान के सैन्य और ड्रोन ठिकानों को तबाह करने के लिए हमले तेज़ कर दिए हैं.
उड़ानों और आम लोगों पर असर
Strait of Hormuz में ईरान ने नाकेबंदी कर रखी है, जिससे ग्लोबल शिपिंग रूट पर सीधा असर पड़ रहा है. खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और व्यापार पर भी इसका प्रभाव देखने को मिल सकता है.
- Ben Gurion Airport के पास मिसाइल गिरने से स्थिति तनावपूर्ण है, हालांकि फ्लाइट्स का संचालन अभी सेना के सख्त कंट्रोल में रखा गया है.
- इज़राइल की होम फ्रंट कमांड ने आम नागरिकों के मोबाइल पर इमरजेंसी निर्देश भेजे हैं और उन्हें अलर्ट रहने की सलाह दी है.
- अमेरिका के रक्षा विभाग ने बताया कि यह सैन्य ऑपरेशन 4 से 6 हफ्ते तक चल सकता है.




