ईरान और इज़राइल के बीच चल रहा तनाव अब बड़े युद्ध की शक्ल लेता दिख रहा है। 1 अप्रैल 2026 को ईरान ने इज़राइल के तेल अवीव सहित कई शहरों को निशाना बनाते हुए लगभग 10 बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं। इस हमले की वजह से इज़राइल में कई इमारतें गिर गई हैं और 100 से अधिक लोगों के घायल होने की खबर है। इज़राइली सेना ने बताया है कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम मिसाइलों को रोकने की कोशिश कर रहे हैं और आम जनता को सुरक्षित ठिकानों पर रहने की सलाह दी गई है।

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मिसाइल हमलों से कहाँ-कहाँ हुआ नुकसान?

ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने इस हमले को ‘ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4’ का नाम दिया है। इस हमले का असर न केवल इज़राइल बल्कि खाड़ी के अन्य देशों पर भी पड़ा है। तेल अवीव और बनी बराक में मिसाइल के टुकड़ों की चपेट में आने से एक 11 साल की बच्ची की हालत बहुत गंभीर है। इस हमले के बाद इज़राइल ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए तेहरान में कई ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं जहाँ बड़े धमाकों की आवाज़ सुनी गई है।

खाड़ी देशों और प्रवासियों पर क्या हुआ असर?

इस युद्ध जैसी स्थिति का असर खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और वहां की सुरक्षा पर भी पड़ रहा है। सऊदी अरब और यूएई जैसे देशों ने अपनी सुरक्षा कड़ी कर दी है। इस घटनाक्रम से जुड़े मुख्य अपडेट नीचे टेबल में दिए गए हैं:

देश/स्थान क्या हुआ असर
कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट के फ्यूल टैंक पर ड्रोन हमला हुआ जिससे आग लग गई
सऊदी अरब अपनी सीमा की ओर आ रहे दो ईरानी ड्रोन्स को मार गिराया
कतर एक तेल टैंकर पर ईरानी क्रूज मिसाइल से हमला किया गया
UAE ईरानी नागरिकों के देश में प्रवेश और ट्रांजिट पर रोक लगा दी गई है
यमन हुथी विद्रोहियों ने ईरान के साथ मिलकर हमलों की जिम्मेदारी ली है

अमेरिकी प्रशासन भी इस मामले पर नज़र रखे हुए है। यूएई द्वारा ईरानियों के प्रवेश पर रोक लगाने और कुवैत एयरपोर्ट पर हुए हमले के बाद खाड़ी देशों में हवाई यात्रा करने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं। ईरान के विदेश मंत्री ने चेतावनी दी है कि अगर ज़मीनी हमला हुआ तो इसके गंभीर नतीजे होंगे।