ईरान-इजरायल युद्ध से कतर ने रोकी गैस सप्लाई, रातों-रात 58% बढ़े दाम, आम आदमी की जेब पर सीधा असर
इजरायल और ईरान के बीच चल रही जंग अब खतरनाक मोड़ पर आ गई है। शुक्रवार की सुबह ईरान ने तेल अवीव पर मिसाइलों की बारिश कर दी, जिसके बाद पूरी दुनिया में खलबली मच गई है। इस लड़ाई का सबसे बड़ा असर आम लोगों पर पड़ने वाला है क्योंकि कतर ने अपनी गैस सप्लाई रोक दी है। पिछले एक हफ्ते में ही गैस के दाम 58% तक बढ़ गए हैं, जिसका सीधा असर आपके बिजली और गैस के बिल पर देखने को मिल सकता है।
कतर और खाड़ी देशों में क्या है ताज़ा हालात?
कतर एनर्जी (QatarEnergy) ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि उसने अपने रास लाफान और मेसीद इंडस्ट्रियल शहरों में गैस (LNG) का उत्पादन पूरी तरह रोक दिया है। यह फैसला तब लिया गया जब ईरानी ड्रोन हमलों के कारण होर्मुज की खाड़ी (Strait of Hormuz) में खतरा बढ़ गया। चूंकि कतर दुनिया की 20% गैस सप्लाई करता है, इसलिए सप्लाई रुकने से पूरी दुनिया में एनर्जी संकट गहरा गया है।
खाड़ी देशों में रह रहे लोगों के लिए भी चिंता की बात है क्योंकि हमलों की आंच अब कतर और यूएई (UAE) तक पहुंच रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, एक अमेरिकी रडार कतर में और एक THAAD रडार का हिस्सा यूएई में क्षतिग्रस्त हुआ है। कुवैत में भी ‘फ्रेंडली फायर’ की घटना में तीन एफ-15 लड़ाकू विमानों के नुकसान की खबर है।
परमाणु प्लांट पर हमले का खतरा और अमेरिका का कदम
ईरान ने अपनी रणनीति बदल दी है और अब वह जमीन के नीचे बनी गुप्त सुरंगों, जिसे ‘मिसाइल सिटी’ कहा जाता है, वहां से हमले कर रहा है। ईरानी अधिकारियों ने साफ धमकी दी है कि अगर अमेरिका और इजरायल नहीं रुके, तो वे इजरायल के डिमोना न्यूक्लियर प्लांट (Dimona Nuclear Plant) को निशाना बना सकते हैं।
उधर अमेरिका में संसद ने राष्ट्रपति को सैन्य कार्रवाई जारी रखने की मंजूरी दे दी है। व्हाइट हाउस ने हथियारों की कमी पूरी करने के लिए 50 अरब डॉलर का फंड मांगा है। अभी तक के आंकड़ों के मुताबिक, अमेरिका को इस युद्ध में भारी नुकसान उठाना पड़ा है।
युद्ध में अब तक हुए बड़े नुकसान:
- कतर में नुकसान: 1.1 बिलियन डॉलर का अमेरिकी अर्ली वार्निंग रडार क्षतिग्रस्त।
- UAE में नुकसान: 500 मिलियन डॉलर का THAAD रडार कंपोनेंट खराब।
- गैस के दाम: ग्लोबल मार्केट में कीमतें 58% तक बढ़ गई हैं।
- कुवैत हादसा: 282 मिलियन डॉलर के 3 एफ-15E विमानों का नुकसान।





