ईरान और इसराइल के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुँच गया है। जहाँ एक तरफ अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम (ceasefire) टिका हुआ है, वहीं इसराइल की सरकार फिर से युद्ध की मांग कर रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने भी साफ कर दिया है कि अगर ईरान ने सही जवाब नहीं दिए तो नतीजे बहुत बुरे होंगे। इस स्थिति से पूरी दुनिया की नजरें अब खाड़ी देशों और मध्य पूर्व पर टिकी हैं।
डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी और अमेरिका का रुख क्या है?
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा कि ईरान के साथ बातचीत अंतिम चरण में है। उन्होंने बताया कि अगर ईरान 100 प्रतिशत सही जवाब देता है, तो कुछ ही दिनों में समझौता हो सकता है। हालांकि, ट्रंप ने चेतावनी भी दी कि अगर डील नहीं हुई तो अमेरिका “कठोर” कदम उठाएगा।
ट्रंप ने यह भी खुलासा किया कि 20 मई की शाम वह ईरान पर नए हमले के आदेश देने ही वाले थे, लेकिन खाड़ी देशों (Gulf allies) के अनुरोध पर उन्होंने इसे रोक दिया क्योंकि शांति वार्ता में प्रगति हो रही थी। वहीं, अमेरिकी खुफिया रिपोर्टों ने बताया है कि ईरान अपनी सैन्य उत्पादन क्षमता, खासकर ड्रोन बनाने की रफ़्तार को उम्मीद से ज़्यादा तेज़ी से बढ़ा रहा है।
ईरान और IRGC ने क्या जवाबी धमकी दी है?
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baqaei ने कन्फर्म किया कि वे अमेरिकी प्रस्तावों की जांच कर रहे हैं। इसके साथ ही, ईरान की सेना IRGC ने सख्त चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका या इसराइल ने दोबारा हमला किया, तो उसका जवाब इस क्षेत्र के बाहर तक जाएगा और यह बहुत करारा प्रहार होगा।
- जहाजों की आवाजाही: IRGC ने दावा किया कि पिछले 24 घंटों में उन्होंने Strait of Hormuz से 26 व्यापारिक जहाजों को सुरक्षित निकाला है।
- UAE का जवाब: संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने ईरान के उस दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया जिसमें ईरान ने Emirati पानी पर अपना नियंत्रण जताया था।
इसराइल की तैयारी और पाकिस्तान की भूमिका
इसराइल के आर्मी चीफ Lt. Col. Eyal Zamir ने ऐलान किया कि उनकी सेना इस समय सबसे ऊंचे अलर्ट लेवल पर काम कर रही है। इसराइल की राजनीतिक लीडरशिप फिर से युद्ध चाहती है, हालांकि कुछ विश्लेषकों का मानना है कि इसराइल के पास सैन्य और राजनयिक विकल्प सीमित हो सकते हैं।
इस पूरे विवाद को सुलझाने में पाकिस्तान अहम भूमिका निभा रहा है। पाकिस्तान के आर्मी चीफ Asim Munir और आंतरिक मंत्री Mohsen Naqvi अमेरिका और ईरान के बीच संदेश पहुँचाने का काम कर रहे हैं। उम्मीद है कि पाकिस्तान के आर्मी चीफ जल्द ही तेहरान का दौरा करेंगे।
Frequently Asked Questions (FAQs)
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर हमला क्यों नहीं किया?
राष्ट्रपति ट्रंप 20 मई की शाम हमले के आदेश देने वाले थे, लेकिन खाड़ी देशों के अनुरोध पर उन्होंने इसे रोक दिया क्योंकि शांति वार्ता में प्रगति हो रही थी।
ईरान की सेना (IRGC) ने क्या धमकी दी है?
IRGC ने कहा है कि अगर अमेरिका या इसराइल ने दोबारा हमला किया, तो उसका बदला इस क्षेत्र के बाहर तक लिया जाएगा और वह हमला बहुत विनाशकारी होगा।
