ईरान और इसराइल के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुँच गया है. शुक्रवार, 3 अप्रैल 2026 को ईरान की सेना IRGC ने इसराइल के कई सैन्य केंद्रों पर बड़े पैमाने पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया. इस हमले के जवाब में इसराइली वायुसेना ने ईरान की राजधानी तेहरान और लेबनान के बेरूत में भीषण बमबारी की है, जिससे पूरे क्षेत्र में युद्ध जैसी स्थिति बन गई है.

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ईरान के हमले में कहाँ-कहाँ हुआ नुकसान और क्या रहे दावे?

ईरानी मीडिया के मुताबिक, ‘ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4’ के तहत यह 93वें दौर का हमला था. इसमें ठोस और तरल ईंधन वाली मिसाइलों के साथ-साथ खतरनाक ड्रोन का इस्तेमाल किया गया. इस हमले से जुड़ी मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:

  • ईरान ने पश्चिमी Galilee, Haifa और Kafr Kanna में इसराइली ठिकानों को निशाना बनाया.
  • Haifa और पूरे उत्तरी इसराइल में खतरे के सायरन बजते रहे और लोग सुरक्षित ठिकानों की ओर भागे.
  • Kafr Kanna और Route 85 पर मिसाइलें गिरने की खबरें आई हैं, जबकि Kiryat Ata में एक व्यक्ति घायल हुआ.
  • ईरान ने दावा किया है कि उसने मध्य ईरान के ऊपर एक अमेरिकी F-35 लड़ाकू विमान को मार गिराया है.

इसराइल ने तेहरान और बेरूत में की जवाबी कार्रवाई

इसराइली सेना (IDF) ने चुप बैठने के बजाय ईरान और लेबनान पर पलटवार किया है. IDF ने बताया कि उन्होंने पिछले 24 घंटों में तेहरान में 20 से ज़्यादा जगहों पर स्ट्राइक की है. इस कार्रवाई के दौरान 140 से ज़्यादा बमों और मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया, जिसका मकसद ईरान के मिसाइल लॉन्चिंग पैड और हथियारों के गोदामों को खत्म करना था. इसराइल के प्रधानमंत्री ने दावा किया है कि इन हमलों से ईरान की स्टील बनाने की 70 प्रतिशत क्षमता खत्म हो गई है, जिससे अब उसे हथियार बनाने में काफी मुश्किल होगी.

क्षेत्रीय तनाव और अमेरिका की स्थिति

इस टकराव के बीच IRGC ने कुवैत के पानी साफ करने वाले प्लांट पर हमले की खबरों का खंडन किया है और इसके लिए इसराइल को ज़िम्मेदार ठहराया है. साथ ही, ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने हमले जारी रखे, तो वह अमेरिकी टेक्नोलॉजी कंपनियों को निशाना बनाएगा. हालांकि मार्च 2026 के अंत तक संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में इसराइल या अमेरिका के इन हमलों के समर्थन में कोई प्रस्ताव पास नहीं हुआ है, लेकिन तनाव कम होने के आसार फिलहाल नज़र नहीं आ रहे हैं.

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.