Iran-Israel Conflict: ईरान ने इज़रायल को दी कड़ी चेतावनी, बुनियादी ढांचे पर हमला हुआ तो अब नहीं बरतेंगे कोई संयम
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने इज़रायल को लेकर एक बड़ा बयान जारी किया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि अगर इज़रायल ने ईरान के ऊर्जा या किसी भी बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया, तो ईरान की ओर से ज़रा भी संयम नहीं बरता जाएगा। विदेश मंत्री के अनुसार ईरान के पास इज़रायल की उन गुप्त योजनाओं की जानकारी है जिसके तहत वह ईरानी संपत्तियों पर हमला करने की फिराक में है। खाड़ी क्षेत्र में इस बयान के बाद सुरक्षा और ऊर्जा सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ गई है।
ईरान के विदेश मंत्री ने इज़रायल और अमेरिका को लेकर क्या कहा?
विदेश मंत्री अराघची ने बताया कि ईरान तभी पलटवार करता है जब उस पर हमला होता है। उन्होंने दावा किया कि अब तक ईरान ने अपनी सैन्य शक्ति का केवल एक छोटा सा हिस्सा ही इस्तेमाल किया है। अराघची ने अमेरिका पर इज़रायल को संघर्ष में खींचने और पड़ोसी देशों के सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान ने किसी भी तरह के युद्धविराम या अमेरिका के साथ बातचीत की मांग नहीं की है और वह अपनी रक्षा के लिए अंत तक लड़ने को तैयार है।
ऊर्जा सप्लाई और पड़ोसी देशों पर क्या प्रभाव पड़ा है?
हालिया तनाव का असर खाड़ी देशों की ऊर्जा सप्लाई पर भी दिखने लगा है। ईरान के साउथ पार्स गैस क्षेत्र और कतर के रास लाफ़ान गैस परिसर से जुड़ी घटनाओं ने वैश्विक ऊर्जा बाज़ार में हलचल पैदा कर दी है। इसके अलावा ईरान ने ब्रिटेन को भी कड़ी चेतावनी दी है कि वह अमेरिका और इज़रायल की किसी भी तरह की सैन्य मदद न करे। अराघची ने फ्रांस के राष्ट्रपति की भी आलोचना की है क्योंकि उन्होंने ईरान पर हुए हमलों की निंदा नहीं की थी।
- ईरान के साउथ पार्स गैस क्षेत्र पर इज़रायली हमले के बाद तनाव और अधिक बढ़ गया है।
- कतर के गैस परिसर पर हुए जवाबी हमलों से अंतरराष्ट्रीय तेल और गैस बाज़ार प्रभावित हो सकता है।
- ईरान का दावा है कि उसके वरिष्ठ अधिकारियों की हत्याओं के बावजूद उसका नेतृत्व और राजनीतिक ढांचा पूरी तरह सुरक्षित है।
- 28 फरवरी को हुए समन्वित हमलों के बाद से ही क्षेत्र में स्थिति काफी नाजुक बनी हुई है।




