Iran ने Donald Trump को दी बड़ी धमकी, कहा- खुद को बचा कर रखें, UAE और Saudi तक बढ़ा हमले का खतरा
10 मार्च 2026 को Iran और US के बीच तनाव और ज्यादा बढ़ गया है. Iran की Supreme National Security Council के सचिव Ali Larijani ने सीधे तौर पर US President Donald Trump को धमकी दी है. Larijani ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा है कि Iran उनके खाली बयानों से डरने वाला नहीं है. उन्होंने Trump को चेतावनी दी है कि वह खुद को खत्म होने से बचा कर रखें. यह विवाद तब शुरू हुआ जब Trump ने तेल की सप्लाई रोकने पर Iran को गंभीर परिणाम भुगतने की बात कही थी.
Strait of Hormuz को लेकर क्यों भिड़े Trump और Larijani?
इस पूरे विवाद की मुख्य वजह Strait of Hormuz है. दुनिया का करीब 20 प्रतिशत कच्चा तेल इसी समुद्री रास्ते से होकर गुजरता है. Donald Trump ने Truth Social पर पोस्ट करते हुए कहा था कि अगर Iran ने इस रास्ते से तेल का बहाव रोका, तो America उन पर 20 गुना ज्यादा ताकत से हमला करेगा.
इस बयान के जवाब में Ali Larijani ने कहा कि Iran का बलिदान देने वाला राष्ट्र ऐसी धमकियों से नहीं डरता. उन्होंने कहा कि जो लोग Trump से बड़े थे, वह भी Iran को खत्म नहीं कर सके. Iran के IRGC ने भी साफ कर दिया है कि अगर US और इजरायल के हमले जारी रहे, तो वह इस क्षेत्र से एक लीटर तेल भी बाहर नहीं जाने देंगे.
UAE और Saudi Arabia में रहने वालों पर क्या होगा असर?
यह तनाव सिर्फ Iran और US तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा असर Gulf देशों पर भी पड़ रहा है. Iran ने इजरायल के अलावा उन देशों पर भी ड्रोन और मिसाइल हमले शुरू कर दिए हैं जो US के सहयोगी माने जाते हैं. इनमें UAE, Saudi Arabia और कुवैत शामिल हैं.
Iran के सैन्य अधिकारियों ने आधिकारिक तौर पर चेतावनी दी है कि जो भी देश अपनी जमीन का इस्तेमाल US या इजरायल के हमलों के लिए करने देगा, उसे निशाना बनाया जाएगा. Gulf देशों में बड़ी संख्या में भारतीय प्रवासी काम करते हैं, जिनके लिए यह स्थिति एक नई चिंता का विषय बन गई है.
Tehran में लगातार हो रहे हवाई हमले
10 मार्च की दोपहर को US और इजरायल ने Tehran में कई हवाई हमले किए, जिससे राजधानी में कई बड़े धमाके सुने गए. Iran में इस समय मार्शल लॉ जैसी स्थिति है और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. हाल ही में Ayatollah Ali Khamenei की मौत के बाद उनके बेटे Mojtaba Khamenei को नया Supreme Leader बनाया गया है.
इजरायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने कहा है कि उनके इन हमलों का मकसद ईरानी जनता को तानाशाही से मुक्ति दिलाना है. दूसरी तरफ, Iran के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने साफ कर दिया है कि वह पीछे हटने वाले नहीं हैं और देश अनिश्चित काल तक लड़ने के लिए पूरी तरह तैयार है.





