ईरान की सरकारी न्यूज एजेंसी IRNA के मुताबिक, 2 अप्रैल 2026 को Karaj के Azimieh इलाके के पास कई हमले किए गए हैं। इन हमलों के पीछे अमेरिकी और इजरायली सेना का हाथ बताया जा रहा है। ईरानी रेड क्रेसेंट सोसाइटी ने जानकारी दी है कि इस हमले में Bridge B1 को निशाना बनाया गया है, जिसे मिडिल ईस्ट का सबसे ऊंचा पुल कहा जाता है। इस घटना में कई आम लोगों के घायल होने की खबर है और इलाके में काफी तनाव देखा जा रहा है।

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हमले और Bridge B1 से जुड़ी मुख्य बातें

  • Bridge B1 तेहरान और Karaj शहर को जोड़ने वाला एक मुख्य हाईवे पुल है।
  • इस पुल को साल 2026 की शुरुआत में ही शुरू किया गया था और इसे मिडिल ईस्ट का सबसे ऊंचा पुल माना जाता है।
  • ईरानी रेड क्रेसेंट सोसाइटी के अनुसार, हमले के कारण पुल के साथ-साथ आसपास के ढांचे को भी नुकसान पहुंचा है।
  • IRNA और Fars न्यूज जैसी बड़ी एजेंसियों ने इस हमले की पुष्टि 2 अप्रैल को ही कर दी थी।
  • अधिकारियों ने बताया कि हमले में घायल हुए लोगों को पास के अस्पतालों में इलाज के लिए भेजा गया है।

ईरानी सेना और अधिकारियों का क्या कहना है?

ईरानी सेना के कमांडर-इन-चीफ मेजर जनरल Amir Hatami ने इस हमले के बाद कड़ी चेतावनी जारी की है। उन्होंने कहा है कि अगर कोई भी सेना ईरान की सीमा के अंदर घुसने की कोशिश करती है, तो उसे पूरी तरह से मिटा दिया जाएगा। ईरानी रेड क्रेसेंट सोसाइटी के अध्यक्ष Dr. Pir Hossein Kolivan ने इन हमलों को लेकर अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (ICC) से जांच की मांग की है। इससे पहले रेड क्रेसेंट सोसाइटी ने बताया था कि मार्च के महीने तक हजारों नागरिक ठिकानों और घरों को इन हमलों में निशाना बनाया जा चुका है। इसके साथ ही इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कुछ ऐसे लोगों को गिरफ्तार किया है जिन पर विदेशी खुफिया एजेंसियों के लिए काम करने का शक है।