इजरायल और लेबनान के बीच युद्ध तेज, हिजबुल्लाह ने दागे 50 रॉकेट, उत्तरी इजरायल में लगातार बज रहे सायरन
उत्तरी इजरायल में 2 अप्रैल 2026 को सुबह से ही सायरन की आवाजें सुनाई दे रही हैं। लेबनान की तरफ से हिजबुल्लाह ने इजरायल के उत्तरी इलाकों में 50 से ज्यादा रॉकेट और ड्रोन से हमला किया है। इसके जवाब में इजरायली सेना (IDF) ने भी लेबनान में कई ठिकानों पर हवाई हमले और जमीनी ऑपरेशन किए हैं। इस संघर्ष की वजह से लेबनान में अब तक करीब 10 लाख लोग अपना घर छोड़ने को मजबूर हो गए हैं और क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया है।
हिजबुल्लाह के हमलों और इजरायल की कार्रवाई में क्या हुआ?
- हिजबुल्लाह का हमला: हिजबुल्लाह ने बताया कि उन्होंने उत्तरी इजरायल के Metula और Malkia जैसे इलाकों में इजरायली सैनिकों को निशाना बनाया है। Haifa के पास Kiryat Ata इलाके के बुनियादी ढांचे पर भी रॉकेट दागे गए हैं।
- इजरायल की जवाबी कार्रवाई: इजरायली सेना (IDF) के मुताबिक, उन्होंने पिछले 24 घंटों में 40 से ज्यादा हिजबुल्लाह लड़ाकों को मार गिराया है। इजरायली नौसेना ने Beirut में एक स्ट्राइक के दौरान हिजबुल्लाह के साउथ फ्रंट के कमांडर Hajj Yusuf Ismail Hashem को भी मार दिया है।
- नुकसान की जानकारी: Kiryat Shmona में एक रॉकेट गिरने से दो लोग मामूली रूप से घायल हुए हैं। इजरायल ने लेबनान में हिजबुल्लाह के कमांड सेंटर और हथियारों के गोदामों को तबाह करने का दावा किया है।
अधिकारियों और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं का क्या कहना है?
लेबनान के प्रधानमंत्री ने देश की स्थिति को बहुत नाजुक बताया है। लेबनान के आंतरिक मंत्री Ahmad al-Hajjar ने कहा कि उनका देश इजरायल के विनाशकारी हमलों का सामना कर रहा है और उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मदद की अपील की है। इजरायल के रक्षा मंत्री Israel Katz ने पहले ही चेतावनी दी थी कि अगर लेबनान सरकार हिजबुल्लाह को नहीं रोकती है, तो उसे इसकी भारी कीमत चुकानी होगी। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद भी अप्रैल के महीने में इस मुद्दे पर चर्चा करने वाली है। UN की रिपोर्ट के मुताबिक, लेबनान में जारी हमलों की वजह से अब तक 8 लाख से ज्यादा लोग विस्थापित हो चुके हैं।




