ईरान के दक्षिणी शहरों केरमान (Kerman) और सिरजान (Sirjan) पर अमेरिका और इजराइल ने हवाई हमले किए हैं। यह जानकारी 1 अप्रैल 2026 को सामने आई है, जिससे पूरे खाड़ी क्षेत्र (Gulf region) में तनाव काफी बढ़ गया है। ईरान की सेना IRGC ने जवाबी कार्रवाई की चेतावनी देते हुए अमेरिका से जुड़ी कंपनियों को निशाना बनाने की बात कही है। इस युद्ध का सीधा असर अब खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और हवाई यात्रा पर भी दिखने लगा है।
🗞️: US-Iran War News: ईरान के पलटवार से अमेरिका को लगा बड़ा झटका, UAE और कुवैत तक पहुंची जंग की आंच।
युद्ध के ताजा हालात और मुख्य घटनाएं
1 अप्रैल 2026 को हुए इन हमलों ने मध्य पूर्व की स्थिति को और गंभीर बना दिया है। केरमान के बाहरी हिस्सों में दो बड़े धमाके हुए हैं और तेहरान में पूर्व अमेरिकी दूतावास को भी निशाना बनाया गया है।
- ईरानी मीडिया के मुताबिक इन हमलों में 10 नर्सों की जान चली गई है।
- IRGC ने चेतावनी दी है कि अमेरिकी कंपनियों में काम करने वाले कर्मचारी तुरंत अपने दफ्तर छोड़ दें।
- यमन के हुथी विद्रोहियों और लेबनान के हिजबुल्लाह ने भी इजराइल पर मिसाइल दागने का दावा किया है।
- US राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि वाशिंगटन इस सैन्य अभियान को दो से तीन हफ्तों में खत्म कर सकता है।
- ईरानी मीडिया के अनुसार लोरिस्तान प्रांत में एक अमेरिकी ड्रोन को मार गिराया गया है।
खाड़ी देशों और प्रवासियों पर क्या असर हो रहा है?
इस युद्ध का असर अब केवल ईरान तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि पड़ोसी खाड़ी देशों में भी इसके झटके महसूस किए जा रहे हैं। व्यापार और आम लोगों की सुरक्षा को लेकर कई देशों ने कड़े कदम उठाए हैं।
| देश | ताजा असर या घटना |
|---|---|
| UAE | ईरानी नागरिकों के प्रवेश और ट्रांजिट पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। |
| Kuwait | कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट के फ्यूल टैंक पर ड्रोन हमला हुआ है। |
| Qatar | कतर के तट के पास एक ऑयल टैंकर पर मिसाइल गिरने की खबर है। |
| Bahrain | ईरान से जुड़े हमलों की वजह से कई इलाकों में आगजनी की घटनाएं हुई हैं। |
ऑस्ट्रेलिया और ब्रिटेन जैसे देशों ने भी इस युद्ध पर अपनी चिंता जताई है। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने साफ किया है कि वह इस युद्ध में सीधे तौर पर शामिल नहीं होंगे। वहीं, खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए सबसे बड़ी दिक्कत उड़ानों के प्रभावित होने और सुरक्षा जांच के बढ़ने से हो रही है। संयुक्त अरब अमीरात के फुजैराह में ड्रोन के मलबे से एक व्यक्ति की मौत की भी सूचना मिली है।
