US-Iran War News: ईरान के पलटवार से अमेरिका को लगा बड़ा झटका, UAE और कुवैत तक पहुंची जंग की आंच
अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध को एक महीना बीत चुका है। पूर्व अमेरिकी सेना अधिकारी और सरकारी सलाहकार Abbas Dahouk ने बताया कि ईरान की हमला करने की ताकत अमेरिका के लिए एक बड़ा झटका है। एक महीने तक भारी बमबारी झेलने के बाद भी ईरान जिस तरह से पलटवार कर रहा है, उसने अमेरिकी जानकारों को सोच में डाल दिया है। इस जंग का असर अब संयुक्त अरब अमीरात (UAE), कुवैत और बहरीन जैसे पड़ोसी देशों पर भी साफ दिखने लगा है, जिससे वहां रहने वाले प्रवासियों में डर का माहौल है।
ईरान और अमेरिका के बीच जंग के ताजा हालात क्या हैं?
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने दावा किया है कि उनकी सेना ने ईरान के Kharg Island पर सैन्य ठिकानों को पूरी तरह नष्ट कर दिया है। ट्रंप का कहना है कि वे इस युद्ध को दो से तीन हफ्तों में खत्म कर सकते हैं। हालांकि, ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने अमेरिका के साथ किसी भी तरह की बातचीत से इनकार किया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर ईरान के तेल या बिजली घरों पर हमला हुआ, तो वे पूरे मिडिल ईस्ट में मौजूद अमेरिकी कंपनियों के ठिकानों पर हमला करेंगे। 28 फरवरी से शुरू हुए इस युद्ध में अब तक ईरान में करीब 1,450 लोगों की मौत हो चुकी है और 43,000 से ज्यादा घर तबाह हुए हैं।
खाड़ी देशों और वहां रहने वाले प्रवासियों पर क्या असर हुआ?
युद्ध की आग अब धीरे-धीरे पड़ोसी देशों तक पहुंच रही है, जिससे वहां काम करने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। पिछले 24 घंटों में खाड़ी के अलग-अलग हिस्सों से नुकसान की खबरें आई हैं। ईरान ने अपने पड़ोसी देशों से विदेशी ताकतों को बाहर निकालने की अपील भी की है। युद्ध के कारण हुई मुख्य घटनाएं नीचे दी गई टेबल में देख सकते हैं:
| देश/क्षेत्र | घटना का विवरण |
|---|---|
| UAE (Fujairah) | ईरानी ड्रोन को मार गिराने के दौरान गिरे मलबे से एक विदेशी नागरिक की मौत हुई। |
| कुवैत और बहरीन | ईरानी हमलों के कारण कुछ इलाकों में आग लगने और नुकसान की खबरें मिली हैं। |
| इराक (Erbil) | Erbil एयरपोर्ट के पास ड्रोन हमले से नुकसान हुआ और बगदाद में एक पत्रकार का अपहरण हुआ। |
| कतर | कतर ने पड़ोसी देशों पर हो रहे हमलों को खतरे की निशानी बताया है। |
| सीरिया | सीरिया ने कहा है कि जब तक उस पर हमला नहीं होता, वह इस लड़ाई से दूर रहेगा। |
| शांति वार्ता | पाकिस्तान, सऊदी अरब, तुर्की और मिस्र बातचीत के जरिए रास्ता निकालने की कोशिश कर रहे हैं। |




