Iran News: ईरान में गहराया नेतृत्व का संकट, परमाणु हथियारों और कट्टरपंथी सरकार को लेकर इस्राइल की चेतावनी
ईरान में चल रहे तनाव के बीच इस्राइली सैन्य सूत्रों ने एक बड़ी चेतावनी दी है। सैन्य मोर्चे पर भारी नुकसान झेलने के बाद भी ईरान में एक अधिक कट्टरपंथी सरकार आने और उसके परमाणु इरादों के और मजबूत होने की आशंका है। ताजा जानकारी के अनुसार, वहां के कई बड़े सुरक्षा और राजनीतिक अधिकारी हालिया हमलों में मारे गए हैं, जिससे देश के नेतृत्व में एक बड़ा खालीपन पैदा हो गया है।
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ईरान के किन बड़े नेताओं की हुई मौत और क्या है ताजा स्थिति?
ईरान के भीतर पिछले कुछ हफ्तों में बड़े स्तर पर बदलाव देखे गए हैं। रिपोर्टों के अनुसार, देश के कई प्रभावशाली चेहरे अब सरकार का हिस्सा नहीं रहे हैं। इसकी मुख्य जानकारी नीचे दी गई है:
- अली लारीजानी (Ali Larijani): राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रमुख हाल ही में मारे गए।
- इस्माइल खातिब (Esmail Khatib): ईरान के खुफिया मंत्री भी इन हमलों का शिकार हुए।
- गुलामरेज़ा सुलेमानी (Gholamreza Soleimani): बासिज बलों के कमांडर की भी मौत हो गई है।
- अली खामेनेई: 28 फरवरी 2026 को ईरान के सर्वोच्च नेता की मौत की खबरें आई थीं।
परमाणु कार्यक्रम और IAEA की रिपोर्ट में क्या निकला?
अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के प्रमुख राफेल मारियानो ग्रोसी ने बताया कि हमले के बाद भी ईरान के पास परमाणु तकनीक और सामान मौजूद रहेगा। उन्होंने बुशहर न्यूक्लियर पावर प्लांट पर हुए ड्रोन हमले की भी जानकारी दी। परमाणु स्टॉक की स्थिति कुछ इस प्रकार है:
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| यूरेनियम स्टॉक | 440.9 किलोग्राम (60% शुद्धता तक) |
| बम बनाने की क्षमता | लगभग 10 परमाणु बम बनाने के लिए काफी सामग्री |
| IAEA की चिंता | बमबारी के कारण निरीक्षण में आ रही रुकावट |
क्या ईरान में जनता के विद्रोह से सरकार गिर सकती है?
अमेरिकी खुफिया रिपोर्टों और Mossad के पूर्व विशेषज्ञों का मानना है कि केवल बाहरी बमबारी से ईरान की सरकार को नहीं गिराया जा सकता। इस्राइली अधिकारियों का भी निजी तौर पर मानना है कि अगर जनता सड़कों पर उतरी, तो IRGC (Islamic Revolutionary Guard Corps) उन्हें बेरहमी से कुचल सकता है। फिलहाल वहां की सरकार जनता के बीच इस बात को फैला रही है कि देश बाहरी हमलों के घेरे में है, ताकि अंदरूनी कलह को दबाया जा सके।




