मिडिल ईस्ट में तनाव काफी बढ़ गया है। ईरान की सेना ने शनिवार 5 अप्रैल 2026 को इसराइल के दक्षिणी हिस्से में स्थित डीमोना के पास पेट्रोकेमिकल उद्योगों को अपना निशाना बनाया। इस हमले की जानकारी अल जजीरा और ईरानी मीडिया ने साझा की है। ईरान का दावा है कि उसने इसराइल की ऊर्जा सप्लाई को रोकने के लिए वहां के तेल भंडार और औद्योगिक केंद्रों पर ड्रोन और मिसाइलें दागी हैं। इस हमले का असर खाड़ी के अन्य देशों जैसे कुवैत और यूएई में भी देखने को मिला है।

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ईरान के हमले से कहाँ-कहाँ हुआ नुकसान?

ईरानी सेना के अनुसार यह हमला ‘वेव 94’ का हिस्सा था जिसमें खोर्रमशहर और इमाद जैसी बैलिस्टिक मिसाइलों का उपयोग किया गया। इसराइल के नेओत होवाव इंडस्ट्रियल कॉम्प्लेक्स में एक फैक्ट्री को नुकसान पहुँचा है। इसके अलावा खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए भी चिंता बढ़ गई है क्योंकि कुवैत में वित्त मंत्रालय की बिल्डिंग और पानी साफ करने वाले प्लांट को नुकसान पहुँचा है। बहरीन में एक तेल डिपो में आग लग गई और यूएई के अबू धाबी में एक प्लांट का काम मलबे गिरने की वजह से रोकना पड़ा।

स्थान नुकसान का विवरण
डीमोना, इसराइल पेट्रोकेमिकल और तेल स्टोरेज पर मिसाइल हमला
कुवैत सिटी सरकारी दफ्तर और बिजली-पानी प्लांट को नुकसान
अबू धाबी, UAE पेट्रोकेमिकल प्लांट का संचालन बंद हुआ
बहरीन तेल स्टोरेज सुविधा में लगी आग
बुबयान द्वीप अमेरिकी सैन्य बेस के कमांड सेंटर पर हमला

इसराइल और अमेरिका का क्या है अगला कदम?

इसराइल की सेना (IDF) ने जवाबी कार्रवाई करते हुए ईरान के अंदर 120 से ज्यादा ठिकानों पर हमला करने का दावा किया है। इसराइल के रक्षा मंत्री ने कहा है कि ईरान को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। दूसरी तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस स्थिति पर बयान दिया है कि 6 अप्रैल तक ईरान के साथ किसी समझौते पर पहुँचने की उम्मीद है। हालांकि उन्होंने यह भी चेतावनी दी है कि अगर समझौता नहीं हुआ तो ईरान को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। फिलहाल पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।